बीकानेर में टिकटों को लेकर दोनों पाटियों में उभर रहा है विरोध के स्वर, कई जगहों पर टिकट बदलने की सुबगुहाट शुरु
बीकानेर में टिकटों को लेकर दोनों पाटियों में उभर रहा है विरोध के स्वर, कई जगहों पर टिकट बदलने की सुबगुहाट शुरु
बीकानेर। पिछले दो दिनों से जैसे जैसे प्रत्याशियों के नाम सामने आ रहे है जैसे-जैसे पार्टियों में प्रत्याशियों को लेकर विरोध के स्वर सामने आ रहे है। दोनों पार्टियों के लिए प्रत्याशियों के नाम आते ही गले की फांस बनते जा रहे है। कांग्रेस अपने पुराने दावेदारों पर पत्ते खेल रही है तो भाजपा भी ज्यादात्तर वार्डों में पुराने चेहरों को मौका दिया है। लेकिन जनता ये चाहती है कि पुराने चेहरों को प्रत्याशी ना बनाकर नये चेहरे व युवाओं को मौका देना चाहिए। कार्यकर्ता पूरी मेहतन व ईमानदार के साथ पार्टी के साथ रात दिन लगे रहते है लेकिन जब चुनाव आता है उस समय पार्टी को पुराने चेहरों पर दांवे खेलते नजर आते है। ये बात एक पार्टी की नहीं दोनों पार्टियों में है। लोगों से इस बारे में बातचीत की तो उनका कहना है पिछला वार्ड पार्षद पूरे पांच साल तक नहीं दिखा है कागजों में हस्ताक्षर तक करवाने के लिए उनके घरों के चक्कर काटने पड़ते है और पार्टी ने फिर से उसी को चुनाव मैदान में उतार दिया है। इन दोनों के झगड़े में निर्दलिय प्रत्याशियों ने कई जगहों पर अपनी दावेदारी मजबूती से दिखाई है। निर्देलियों के मैदान में आते है पार्टी के प्रत्याशियों की हवा उडऩे लगी है। क्योकि निर्देलीय वो प्रत्याशी है जो अपने वार्ड में रहकर वार्डवासियों के हर सुख-दुख में काम आते है। अब देखना है ये है कि दोनों पार्टियां किस तरह से अपने अपने प्रत्याशियों व जनता की सहमित के आधार प्रत्याशी की घोषण करते है।
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