Khulasa Online
TM Jewellers
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bharti

श्री मुरली मनोहर धोरा भीनासर: राधा अष्टमी पर जन्मोत्सव और राम कथा में सीताराम विवाह का पावन उत्सव

Bansal
6 hours ago
श्री मुरली मनोहर धोरा भीनासर: राधा अष्टमी पर जन्मोत्सव और राम कथा में सीताराम विवाह का पावन उत्सव

खुलासा न्यूज,बीकानेर। बीकानेर के समीप भीनासर स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री मुरली मनोहर धोरा पर विगत 57 दिनों से अनवरत चल रहे चातुर्मास कार्यक्रम में आज एक साथ दो महापावन पर्वों के उल्लास ने भक्तों को सराबोर कर दिया। जहाँ एक ओर राधा अष्टमी के पावन अवसर पर श्री राधा जी का भव्य जन्मोत्सव मनाया गया, वहीं दूसरी ओर 14 तारीख से जारी श्री राम कथा के अंतर्गत प्रभु श्री राम और माता सीता के विवाह का पावन उत्सव भी धूमधाम से संपन्न हुआ। इन दोहरे आध्यात्मिक आयोजनों ने धोरा परिसर को दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा और जनसैलाब से भर दिया।

 


आज के कार्यक्रमों की शुरुआत श्री राधा जी के जन्मोत्सव के साथ हुई, जिसे भक्तजनों ने अपार हर्षोल्लास से मनाया। इस अवसर पर श्री मुरली मनोहर मंदिर में विराजित श्री राधा जी की प्रतिमा का अलौकिक श्रृंगार किया गया था। वह कमल के फूलों के रूपांकन वाले पीले घाघरे और गुलाबी रंग की चोली में दिव्य और अलौकिक लग रही थीं। मंदिर परिसर को भी विशेष रूप से सजाया गया था। जैसा कि इन छवियों में देखा जा सकता है, बड़ी संख्या में भक्त इस दिव्य रूप के दर्शन करने उमड़े।
चातुर्मास के अंतर्गत चल रही राम कथा के एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रसंग - भगवान राम और माता सीता के विवाह - को श्रवण कर भक्तगण भावविभोर हो उठे। पंडाल में सीताराम के मालाओं से सजे चित्र भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहे। कथा पंडाल में आस्था का ऐसा सागर उमड़ा कि पैर रखने की भी जगह नहीं थी।

 

हजारों की संख्या में भक्त मौजूद थे, विशेषकर महिलाओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही, जो कथा रसपान कर रही थीं। जैसा कि इन छवियों में भक्तों की भीड़ से स्पष्ट है, पूरा वातावरण राममय हो गया। 
इन दोनों महाउत्सवों के समापन के पश्चात, भक्तों को परम श्रद्धेय स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज का पावन संदेश, उनकी रिकॉर्डेड वाणी (कैसेट) के माध्यम से सुनाया गया। महाराज जी ने राधा तत्व की व्याख्या करते हुए एक अत्यंत गहरे दार्शनिक पहलू को उद्घाटित किया। महाराज जी के अनुसार श्री कृष्ण और श्री राधा अलग नहीं बल्कि एक ही हैं—स्वयं भगवान श्री कृष्ण ही प्रेम स्वरूप में श्री राधा बने हैं। इस गहन आध्यात्मिक उपदेश ने भक्तों के अंतर्मन को स्पर्श कर लिया।

 


आगामी पूर्णाहुति कार्यक्रम और सुविधा
पिछले 57 दिनों से जारी इस चातुर्मास सत्संग की दिव्य पूर्णाहुति आगामी मंगलवार, दिनांक 22 तारीख को होगी। धोरा विकास समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बीकानेर शहर से धोरा परिसर तक आवागमन के लिए बसों की विशेष व्यवस्था की है। समिति ने सभी भक्तजनों से इस पावन पूर्णाहुति दिवस पर अधिकाधिक संख्या में सम्मिलित होने की अपील की है। उस दिन होने वाले विशेष कार्यक्रमों का समयबद्ध विवरण इस प्रकार है
समय कार्यक्रम
सुबह 07 से 09 बजेसुंदरकांड का पाठ
सुबह 09 से 11 बजेश्रीमद्भगवद्गीता के सभी 18 अध्यायों का पाठ
सुबह 11:30 से दोपहर 04 बजेश्री राम कथा
दोपहर 04 से शाम 05 बजेश्री राम राज्याभिषेक कार्यक्रम
गीता जयंती महोत्सव की घोषणा
चातुर्मास कार्यक्रम के इस सफल आयोजन के साथ ही आयोजकों ने आगामी भव्य आयोजन गीता जयंती महोत्सव की भी औपचारिक घोषणा की है। यह महोत्सव
तिथि:15 दिसंबर से 20 दिसंबर तक
स्थान- श्री मुरली मनोहर धोरा, बिनासर में आयोजित होगा।
विशेष:- इस महोत्सव की गरिमा और अधिक बढ़ेगी क्योंकि इसमें स्वामी रामसुखदास जी महाराज की महान परंपरा से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित संत—संत नवलराम जी महाराज, नारायण जी महाराज, डूंगरदास जी महाराज, श्री राजेंद्र जी धवन एवं पंकज जी महाराज—अपनी गरिमामयी उपस्थिति देंगे और भक्तों को दिव्य सानिध्य प्रदान करेंगे। आज के इन आयोजनों ने श्री मुरली मनोहर धोरा को आध्यात्मिक पर्यटन और सामुदायिक भक्ति का एक प्रमुख केंद्र बना दिया है, जैसा कि यहाँ उमड़ी भीड़ और भव्य आयोजनों की इन छवियों से स्पष्ट है।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: