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ग्रामीण अंचलों में गहराया पेयजल संकट, दो बाल्टी पानी के लिए ग्रामीणों को करना पड़ रहा संघर्ष, पानी टैंकर के दामों ने तोड़ी कमर

Bansal sadi
3 months ago
ग्रामीण अंचलों में गहराया पेयजल संकट, दो बाल्टी पानी के लिए ग्रामीणों को करना पड़ रहा संघर्ष, पानी टैंकर के दामों ने तोड़ी कमर

ग्रामीण अंचलों में गहराया पेयजल संकट, दो बाल्टी पानी के लिए ग्रामीणों को करना पड़ रहा संघर्ष, पानी टैंकर के दामों ने तोड़ी कमर
 बीकानेर।  महाजन भीषण गर्मी और नहरबंदी के चलते महाजन कस्बे सहित ग्रामीण अंचलों में पेयजल संकट गहराने लगा है। जलदाय विभाग के संसाधन गर्मी के बढ़ते प्रकोप के सामने हांफते नजर आ रहे हैं। गांवों में नियमित जलापूर्ति नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई क्षेत्रों में लोगों को दो बाल्टी पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है, वहीं मजबूरन महंगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में पानी की सप्लाई के समय सुबह से ही लोगों की कतारें लग जाती हैं। महिलाएं बर्तन लेकर घंटों तक इंतजार करती दिखाई देती हैं। जलापूर्ति के दौरान पानी का प्रेशर इतना कम रहता है कि आधे घंटे की सप्लाई में मुश्किल से चार-पांच बाल्टी पानी ही भर पाता है। ऐसे में रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण अंचलो में इन दिनों हालात गंभीर बने हुए है।
नहर और डिग्गियां सूखी
नहरबंदी के चलते नहर और जलदाय विभाग की डिग्गियां लगभग खाली हो चुकी हैं। विभाग के कर्मचारी ट्यूबवेल के जरिए डिग्गियों में पानी एकत्रित कर सप्लाई देने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कम प्रेशर के कारण ऊंचाई वाले घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। इससे हालात और गंभीर बने हुए हैं।
टैंकर संचालकों की चांदी
पानी संकट का सबसे ज्यादा फायदा निजी टैंकर संचालक उठा रहे हैं। गांवों में पानी के टैंकर सप्लाई करने वालों की इन दिनों खूब कमाई हो रही है। जरूरतमंद परिवारों को महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है। कई परिवारों को हर सप्ताह टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे घरेलू बजट भी बिगडऩे लगा है।
पशुपालकों पर बढ़ा संकट
पेयजल संकट का असर पशुपालकों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को महंगे टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
स्वतंत्र विचरण करने वाले पशु भी बेहाल
गांवों में बनी खेलियां सूख जाने से स्वतंत्र विचरण करने वाले पशु और पक्षी भी पानी के लिए भटक रहे हैं। भीषण गर्मी में प्यास बुझाने के लिए पशु-पक्षी इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं। कई गांवों में जानवरों के सामने भी पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

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