त्यौहारी सीजन में स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट: दूध, मावा, मिठाइयों, घी, तेल, मसालों और ड्राई फ्रूट के लिए जाएंगे नमूने, मिलावट पर होगी सख्त कार्रवाई
त्यौहारी सीजन में स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट: दूध, मावा, मिठाइयों, घी, तेल, मसालों और ड्राई फ्रूट के लिए जाएंगे नमूने, मिलावट पर होगी सख्त कार्रवाई
बीकानेर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशानुसार प्रदेश में 3 से 16 अक्टूबर तक सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा कोचिंग सेंटरों में च्ईट राइट हेल्दी राजस्थान अभियान चलाया गया। इसके तहत बीकानेर जिले में भी 50 से अधिक सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा कोचिंग सेंटरों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुखराज साध ने बताया कि अभियान के दौरान 22,300 से अधिक छात्र-छात्राओं को पौष्टिक आहार के महत्व तथा फास्ट फूड से स्वास्थ्य पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को स्वस्थ खानपान अपनाने की शपथ भी दिलाई गई।
दीपावली पर मिलावटखोरी के खिलाफ विशेष अभियान
डॉ. साध ने बताया कि नवरात्रि और दीपावली के त्योहारों को देखते हुए जिले में खाद्य पदार्थों के निरीक्षण एवं नमूनीकरण का सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन कर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निरीक्षण और नमूने लेने की कार्रवाई की जाएगी। अभियान के तहत दूध एवं दूध से बने खाद्य पदार्थों, मसालों, मिठाइयों, घी, तेल, मावे तथा ड्राई फ्रूट के नमूने प्राथमिकता से लिए जाएंगे।
खाद्य अनुज्ञा पत्र प्रदर्शित करना अनिवार्य
डॉ. साध ने सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को अपने प्रतिष्ठान पर खाद्य अनुज्ञा पत्र अथवा पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। जिन कारोबारकर्ताओं ने अभी तक खाद्य अनुज्ञा पत्र या पंजीकरण नहीं करवाया है, वे तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी करें। ऐसा नहीं करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत धारा 58 एवं 63 में कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य निर्माताओं को अपने प्रतिष्ठानों में फूड हैंडलर्स का मेडिकल रिकॉर्ड, पानी की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट तथा खाद्य उत्पादों की पिछले छह माह की जांच रिपोर्ट की फाइल संधारित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सिंथेटिक रंगों और मिलावटी मावे पर होगी सख्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग ने फास्ट फूड एवं स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को किसी भी प्रकार के सिंथेटिक खाद्य रंगों का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी है। निर्देशों की अवहेलना करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मावे का कारोबार करने वालों को मिलावटी एवं फफूंद लगा मावा संग्रहित नहीं करने तथा उसका भंडारण एवं विक्रय नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। मावे को अखबार के कागज में रखने पर भी रोक संबंधी हिदायत दी गई है। पनीर, मावा, दूध एवं दूध से बनी मिठाइयों जैसे शीघ्र खराब होने वाले खाद्य पदार्थों का परिवहन कोल्ड चेन बनाए रखते हुए करने को कहा गया है।
विभाग ने कचौड़ी, समोसे, पकौड़े आदि खाद्य पदार्थों को अखबार अथवा रंगीन कागज में परोसने से बचने तथा प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए हैं।
ये खाद्य सुरक्षा अधिकारी करेंगे कार्रवाई
जिले में खाद्य पदार्थों के निरीक्षण एवं नमूनीकरण की कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारियों श्री श्रवण कुमार वर्मा, श्री भानू प्रताप सिंह, श्री सुरेन्द्र कुमार, श्री राकेश कुमार गोदारा, श्री निशान्त चारण, श्रीमती सोना रानी, श्रीमती ममता सोनगरा, श्री इंद्र प्रकाश ढाका तथा श्री महावीर मेघवाल द्वारा की जाएगी। विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाना तथा मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
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