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बीकानेर के इस क्षेत्र में हजारों लोगों के रोजगार की संभावनाएं, केन्द्रीय मंत्री ने ली समीक्षा बैठक

rk
7 hours ago
बीकानेर के इस क्षेत्र में हजारों लोगों के रोजगार की संभावनाएं, केन्द्रीय मंत्री ने ली समीक्षा बैठक

खुलासा न्यूज,बीकानेर। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि बीकानेर में लिग्नाइट गैसीफिकेशन की अपार संभावनाएं हैं। इस परियोजना के मूर्त रूप लेने पर क्षेत्र में सेरेमिक एवं फर्टिलाइजर उद्योगों का विकास होगा तथा 10 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

 


 मेघवाल ने शनिवार को बरसिंहसर स्थित थर्मल पावर स्टेशन में एनएलसी इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बैठक कर लिग्नाइट गैसीफिकेशन की संभावनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि देशभर में कोल गैसीफिकेशन को बढ़ावा देने के लिए वृहद स्तर पर कार्य किया जा रहा है। बीकानेर एवं आसपास के क्षेत्रों में लिग्नाइट के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं, जिससे यहां गैसीफिकेशन परियोजना की संभावनाएं और अधिक मजबूत होती हैं।

 


उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बरसिंहसर क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग 6 लाख टन लिग्नाइट के गैसीफिकेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की है तथा विभिन्न स्तरों पर आवश्यक पत्राचार भी किया गया है।

 


बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एनएलसी अधिकारियों से इस दिशा में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि एनएलसी द्वारा शीघ्र ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी कर परियोजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गैसीफिकेशन के माध्यम से उत्पादित गैस के आधार पर बीकानेर में सेरेमिक एवं फर्टिलाइजर उद्योगों का विस्तार संभव होगा, जिससे क्षेत्र औद्योगिक विकास का नया केंद्र बन सकेगा। मेघवाल ने थर्मल पावर स्टेशन, लिग्नाइट खनन एवं सोलर ऊर्जा परियोजनाओं की भी समीक्षा की तथा इनके संचालन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्लांट के आगामी विकास कार्यों एवं प्रस्तावित परियोजनाओं पर भी चर्चा की।


बैठक में केंद्रीय मंत्री ने बीकानेर के लिग्नाइट इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1896 में पलाना गांव में एक कुआं खोदते समय पहली बार लिग्नाइट की पहचान हुई थी तथा वर्ष 1898 में यहां भूमिगत खनन प्रारंभ किया गया। यह देश की प्रारंभिक लिग्नाइट खदानों में से एक थी। उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।

 


उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 37,500 करोड़ रुपये की कोल एवं लिग्नाइट गैसीफिकेशन प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना का उद्देश्य देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना, आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करना तथा कोयले एवं लिग्नाइट के मूल्यवर्धित उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह योजना बीकानेर जैसे लिग्नाइट समृद्ध क्षेत्रों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी। बैठक में एनएलसी के प्रोजेक्ट हेड तथा एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एस विजय कुमार सहित समस्त विभागाध्यक्ष जुड़े। वहीं चेन्नई से  राजकुमार सहित अन्य अधिकारी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जुड़े

Sanskar
BC

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