हिरण का शिकार करने का आरोप, विरोध पर बंदूक तानी और मारपीट कर फोड़ा सिर
हिरण का शिकार करने का आरोप, विरोध पर बंदूक तानी और मारपीट कर फोड़ा सिर
बीकानेर। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में खेत में गोली चलाकर हिरण का शिकार करने और विरोध करने पर बंदूक तानने, जातिसूचक गालियां देने व मारपीट कर सिर फोड़ने का मामला सामने आया है। इस संबंध में छह व्यक्तियों सहित अन्य के खिलाफ श्रीडूंगरगढ़ थाने में मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, जाखासर निवासी शीशपाल पुत्र नरपतसिंह राजपूत ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। परिवादी ने बताया कि उसके गांव का परताराम पुत्र खिंयाराम मेघवाल उसके खेत में काश्तकार है। 5 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11 बजे शीशपाल और परताराम को प्रेमसिंह के खेत की तरफ से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। इस पर दोनों आवाज की दिशा में खेत की ओर पहुंचे।
परिवादी के मुताबिक, मौके पर कई लोग मौजूद थे। आरोप है कि कालूराम के हाथ में बंदूक थी और वहां एक मृत हिरण भी पड़ा था, जिसका शिकार किया गया था।
रिपोर्ट में बताया गया कि शीशपाल और परताराम ने हिरण का शिकार करने का विरोध किया तो आरोपी नाराज हो गए। आरोप है कि आरोपियों ने शिकार के लिए सुमेर सिंह द्वारा बुलाए जाने की बात कही। इसी दौरान कालूराम बावरी ने परिवादी पर बंदूक तान दी।
परिवादी ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने परताराम को जातिसूचक एवं अपमानजनक गालियां दीं और दोनों के साथ मारपीट की। इस दौरान शीशपाल का सिर फोड़ दिया गया। शोर सुनकर अन्य लोगों को मौके पर आता देखकर आरोपी दोनों को घायल अवस्था में छोड़कर मृत हिरण को उठाकर ले गए।
घटना में गंभीर रूप से घायल शीशपाल को श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बीकानेर रेफर कर दिया गया। परिवादी ने सुमेर सिंह, भंवरसिंह और बजरंगसिंह निवासी जाखासर, कालूराम व उसके बेटे विक्रम तथा सोनियासर मीठिया निवासी मंगलाराम बावरी सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच श्रीडूंगरगढ़ सीओ निकेत पारीक को सौंपी है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है।
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