कमीशन के लालच में साइबर गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो युवक गिरफ्तार
कमीशन के लालच में साइबर गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो युवक गिरफ्तार
बीकानेर। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए बीकानेर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साइबर थाना और पूगल थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों पर करीब 50 लाख रुपये की साइबर ठगी में सहयोग करने का आरोप है।पुलिस अधीक्षक बीकानेर के निर्देशन तथा पुलिस महानिरीक्षक बीकानेर रेंज के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी शालिनी बजाज, पुलिस निरीक्षक रमेश कुमार सर्वटा एवं पूगल थाना प्रभारी समरवीर सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मामराज पुत्र भूराराम नायक 20 वर्ष तथा सुरेश कुमार पुत्र दौलतराम जाट 24 वर्ष निवासी फलावाली, थाना पूगल, जिला बीकानेर के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगी गिरोह के सदस्यों के संपर्क में थे और देशभर में ठगी से प्राप्त रकम को अपने तथा अन्य लोगों के बैंक खातों में जमा करवाते थे। इसके बाद एटीएम कार्ड, चेक बुक, बैंक पासबुक और खातों से लिंक मोबाइल सिम साइबर गिरोह को उपलब्ध कराते थे।
इसके बदले में आरोपियों को प्रत्येक खाते के लिए करीब 20-20 हजार रुपये कमीशन मिलता था।
प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपियों ने मिलकर बैंक ऑफ बड़ौदा की पूगल शाखा में सरिता ट्रेडिंग कम्पनी के नाम से एक चालू करंट खाता खुलवाया था। जांच में सामने आया कि इस नाम की कोई वास्तविक फर्म अस्तित्व में नहीं है। पुलिस के अनुसार आरोपी फर्जी फर्मों के नाम पर खाते खुलवाकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे।
आरोपियों के बैंक खातों के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर छह शिकायतें दर्ज मिली हैं। जांच में इन खातों में करीब 50 लाख रुपये की साइबर ठगी की राशि जमा होना सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड से जुड़े 1.50 लाख रुपये फ्रीज भी करवा दिए हैं।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि थोड़े से लालच या कमीशन के लिए अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेक बुक या मोबाइल सिम किसी भी अनजान व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और इससे व्यक्ति स्वयं भी साइबर अपराध का सह-आरोपी बन सकता है।
यदि कोई व्यक्ति किसी अज्ञात फर्म के नाम पर बैंक खाता खुलवाने या दस्तावेज उपलब्ध कराने का प्रलोभन दे, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल] पर शिकायत दर्ज कराएं।
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