बीकानेर जिले में दो लाख जुड़े नए नाम, पूर्व में सबसे कम और लूणकरणसर में सबसे ज्यादा
खुलासा न्यूज,बीकानेर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में वर्तमान राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश के 1 करोड़ से अधिक (1,02,84,434) वंचित एवं पात्र व्यक्तियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) से जोड़कर सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया है।
गोदारा ने बताया कि यह संख्या राज्य की कुल 4.38 करोड़ खाद्य सुरक्षा लाभार्थियों का लगभग 23 प्रतिशत है, जो इस बात का प्रमाण है कि सरकार समाज के सबसे कमजोर के और जरूरतमंद वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा से जुडऩे के बाद इन परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का संबल मिला है।
गोदारा ने बताया कि प्रदेश में 1 जनवरी से 31 अगस्त 2024 तक 12 लाख 95 हजार 664 नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया। इसके बाद 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुन: प्रारंभ किए जाने के पश्चात 89 लाख 88 हजार 770 पात्र व्यक्तियों को एनएफएसए में शामिल किया गया। इसी क्रम में बीकानेर जिले में 1 लाख 99 हजार 661 वंचित पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया।
विधानसभा क्षेत्रवार इतने रहे लाभार्थी
खाद्य मंत्री ने बताया कि बीकानेर पूर्व में 14,424, बीकानेर पश्चिम में 19,156, श्रीडूंगरगढ़ में 37,223, खाजूवाला में 21,801, कोलायत में 18,228, लूणकरणसर में 51,927 तथा नोखा में 36,902 सहित कुल 1 लाख 99 हजार 6610 वंचित पात्र व्यक्तियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है।
खाद्य सुरक्षा के साथ अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का भी मिलने लगा लाभ
मंत्री गोदारा ने बताया कि एनएफएसए के तहत लाभार्थियों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराने के साथ राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 450 रुपये में गैस सिलेंडर, मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत परिवार का 10 लाख रुपये तक का नि:शुल्क दुर्घटना बीमा तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का नि:शुल्क उपचार शामिल है।
उन्होंने बताया कि मानसून को देखते हुए लाभार्थियों को तीन माह का नि:शुल्क राशन एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है।
गिव अप अभियान से पात्र परिवारों के लिए खुले अवसर
गोदारा ने बताया कि नवंबर 2024 में शुरू किए गए 'गिव अप अभियान के तहत करीब 67 लाख लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा का लाभ छोड़ दिया, जबकि करीब 27 लाख लोगों के ई-केवाईसी नहीं कराने के कारण उनके नाम सूची से हटाए गए। इससे रिक्त हुए स्थानों पर पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोडऩे का अवसर मिला।
उन्होंने बताया कि इस अभिनव पहल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित उत्तरी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में राजस्थान सरकार की 'बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में सराहा गया। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का कोई भी पात्र एवं जरूरतमंद परिवार खाद्य सुरक्षा के लाभ से वंचित न रहे।
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