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बीकानेर: आखिर ऐसा क्या हुआ की निगम-ठेकेदार की जिद में से हजारों लोगों का रास्ता हो रहा बाधित

rk
2 weeks ago
बीकानेर: आखिर ऐसा क्या हुआ की निगम-ठेकेदार की जिद में से हजारों लोगों का रास्ता हो रहा बाधित

बीकानेर: आखिर ऐसा क्या हुआ की निगम-ठेकेदार की जिद में से हजारों लोगों का रास्ता हो रहा बाधित
बीकानेर। नगर निगम की कार्यप्रणाली और भुगतान के फेर में अटके कामों का खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। ताजा मामला सूरसागर के पास फर्नीचर वाली रोड का है जहां सड़क का महज 5 फीट का हिस्सा न बनने के कारण करीब 50 हजार की आबादी का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। आलम यह है कि निगम प्रशासन और ठेकेदार अपनी-अपनी जिद पर अड़े हैं और आमजन इस खींचतान के बीच पिसने को मजबूर है।

सूरसागर के पास स्थित फर्नीचर वाली गली शहर के व्यस्ततम रास्तों में से एक है। यहां सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था जो लगभग पूरा हो चुका है। लेकिन विडंबना देखिए कि पूरी सड़क बनने के बाद महज 5 फीट का एक छोटा सा टुकड़ा छोड़ दिया गया है। यह अधूरा हिस्सा मुख्य मार्ग को जोड़ता है जिसके न बनने से इस पूरे क्षेत्र का आवागमन बाधित हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस छोटे से पैच के कारण दुपहिया वाहन चालक भी परेशान हो रहे हैं और आए दिन यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। इस अधूरी सड़क के पीछे का तकनीकी कारण बेहद चौंकाने वाला है।

ठेकेदार ने निगम अधिकारियों को स्प्षट संकेत किया कि नगर निगम ने पिछले कार्यों का भुगतान लंबे समय से रोक रखा है। जब तक पुराने बिलों का क्लियरेंस नहीं होता और इस वर्तमान कार्य के भुगतान की गारंटी नहीं मिलती तब तक वह काम आगे नहीं बढ़ाएगा। “जेब से पैसा लगाकर काम करना अब मुमकिन नहीं है। दूसरी ओर, नगर निगम प्रशासन इस मामले में ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में नजर आ रहा है। निगम के पास बजट की कमी है या फाइलें फाइलों में दबी है इसका जवाब किसी के पास नहीं है। अधिकारियों की इस ढुलमुल नीति के कारण एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अंतिम चरण में आकर दम तोड़ रहा है।

सवाल यह उठता है कि क्या 50 हजार लोगों की सुविधा से बड़ा निगम और ठेकेदार का आपसी विवाद है? यदि ठेकेदार को भुगतान की समस्या थी, तो काम शुरू ही क्यों किया गया? और यदि काम शुरू हुआ, तो निगम ने इसे बीच में क्यों लटकने दिया? स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों में इस 5 फीट के टुकड़े का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो निगम कार्यालय का घेराव किया जाएगा। फिलहाल, शहर के विकास का दावा करने वाला नगर निगम इस 5 फीट की चुनौती के सामने मौन खड़ा है।

Sanskar
BC

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