बीकानेर: जान बचाने का जरिया था इंजेक्शन, लेकिन उसे ही बना दिया ‘जहर’ ?
बीकानेर: जान बचाने का जरिया था इंजेक्शन, लेकिन उसे ही बना दिया ‘जहर’ ?
बीकानेर। कैंसर से जिंदगी की जंग लड़ रहे बेबस मरीजों के लिए जो इंजेक्शन जान बचाने का जरिया था, दवा माफियाओं ने उसे ही ‘जहर’ बना डाला। बीकानेर के कैंसर अस्पताल से गायब कर दिल्ली के ब्लैक मार्केट में बेचे गए एक-एक लाख रुपए के जिस इंजेक्शन (एवालुमैब) को मरीज खरीद रहे थे, उसमें जानलेवा बैक्टीरिया पाए गए हैं। यह खुलासा ड्रग विभाग की ओर से कराई गई जर्मनी की लैब जांच से हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार जब्त सैंपल (बैच AU052510) में कैंसर से लड़ने वाला मूल एक्टिव इंग्रीडिएंट (20 mg/mL) लगभग नगण्य था।
वहीं, बांझपन की जांच में काम आने वाली दवाएं भी असुरक्षित पाई गई हैं। उसमें इंसानी शरीर में गंभीर इन्फेक्शन फैलाने वाला घातक ई-कोलाई और बैक्टीरिया मिला है। दिल्ली ड्रग कंट्रोलर ने दवा निर्माता कंपनी के जरिए जर्मनी की मर्क लैब से जांच कराई थी, यह जांच रिपोर्ट भास्कर के पास है। उधर, आरएमएससीएल ने बीकानेर, जोधपुर, जयपुर और उदयपुर मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।
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