Khulasa Online
TM Jewellers
Bansal sadi
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bharti

स थानेदार पर अदालत ने लगाया इतने हजार रुपये का लगाया जुर्माना

rk
3 months ago
स थानेदार पर अदालत ने लगाया इतने हजार रुपये का लगाया जुर्माना


इस थानेदार पर अदालत ने लगाया इतने हजार रुपये का लगाया जुर्माना
 बीकानेर। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-01, बीकानेर ने 10 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
पुलिस थाना बीछवाल, जिला बीकानेर के प्रभारी अधिकारी दिगपाल चारण पर गवाह को पेश न कर पाने पर कोर्ट ने ₹2,000/- की कॉस्ट लगाई है।कोर्ट के मुख्य आदेशइस राशि में से ₹1,500/- वेलफेयर फंड में जमा करने होंगे।500/- आरोपी को दिए जाएंगे।
यदि यह राशि अगली पेशी तक जमा नहीं करवाई गई तो राज्य सरकार की संपत्ति से वसूली की जाएगी।कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि गवाह विजेंद्र सिंह जो पुलिस का ही सेवानिवृत्त कर्मचारी है, को बार-बार बुलाने के बावजूद पेश नहीं किया जा रहा है। इससे अभियोजन पक्ष की लापरवाही साफ दिख रही है और आरोपी के तेज न्याय पाने के अधिकार का हनन हो रहा है।अदालत ने यह भी कहा कि यह मामला 12 साल से चल रहा है और कोर्ट ने कई बार गवाह को पेश करने का आदेश दिया परंतु थानाधिकारी ने गवाह पेश नहीं किया और ना ही कोई स्पष्टीकरण दिया।न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार को अपने गवाहों को पेश करने में गंभीरता दिखानी चाहिए, अन्यथा ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।यह आदेश पुलिस प्रशासन के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि गवाहों को समय पर पेश करने में अब और ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: