बालिका की हत्या करने वाले आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा, धरने से ग्रामीण से उठे, शव का हुआ पोस्टमार्टम
बालिका की हत्या करने वाले आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा, धरने से ग्रामीण से उठे, शव का हुआ पोस्टमार्टम
बीकानेर। बीकानेर के एक गांव में आठवीं बोर्ड परीक्षा देने जा रही 13 वर्षीय बालिका की हत्या के मामले में पुलिस एक युवक को
डिटेन किया है। आरोपी ने पूछताछ में छात्रा की गला दबाकर हत्या करना स्वीकार किया है।
पुलिस ने छात्रा से दुष्कर्म की भी आशंका जताई है, लेकिन मौत से पहले हुआ या बाद में, इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही
होगी। फिलहाल पुलिस मामले में ज्यादा कुछ बताने से बच रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया जाएगा।
घटना के चौथे दिन मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे धरने पर बैठे ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन में सहमति बनी। इसके बाद शव का
पोस्टमॉर्टम किया गया।
परीक्षा देने घर से निकली थी छात्रा
स्क्क कावेंद्र सिंह सागर ने बताया- 21 फरवरी को 13 वर्षीय बालिका अपने घर से ढाणी होते हुए आठवीं बोर्ड की परीक्षा देने जा
रही थी। दोपहर 12:15 बजे घर से निकली थी। करीब 1:46 बजे स्कूल प्रशासन से सूचना आई कि वह स्कूल नहीं पहुंची है। इसके
बाद हम लोगों ने तलाश शुरू कर दी। थोड़ी दूर पहुंचे तो बच्ची का शव अद्र्धनग्न हाल में पड़ा था।
जांच में सामने आया कि रास्ते में आरोपी युवक ने छात्रा को जबरन रोक लिया। विरोध करने पर उसने बालिका का गला दबा दिया,
जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आशंका है कि घटना के दौरान दुष्कर्म भी किया गया।
सीसीटीवी फुटेज बना अहम सुराग
स्क्क कावेंद्र सिंह सागर ने बताया- जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में युवक घटना वाले दिन 21 फरवरी को सुबह क
रीब 12:15 बजे क्षेत्र में जाता हुआ और दोपहर करीब 1 से 1:30 बजे के बीच लौटता हुआ नजर आया।
प्रारंभिक पूछताछ में युवक ने खेत में काम से जाने की बात कही, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल और खेत की दूरी का मिलान किया।
अनुमान के मुताबिक वह कुछ ही मिनटों में वापस आ सकता था, लेकिन वह काफी देर बाद लौटा। इस पर सख्ती से पूछताछ की
गई, जिसके बाद उसने वारदात करना कबूल कर लिया।
संदिग्ध युवक को दो दिन की पूछताछ के बाद सोमवार को डिटेन किया गया।
सहमति के बाद धरना खत्म, शव का हुआ पोस्टमॉर्टम
घटना के चौथे दिन मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे धरने पर बैठे ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन में सहमति बनी। इसके बाद शव का
पोस्टमॉर्टम किया गया। उपखंड प्रशासन स्तर पर परिजनों को लिखित में मांगों को लेकर आश्वासन दिया गया है। 5 लाख रुपए
पीडि़त प्रतिकर योजना, 5 लाख रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दिलवाने की बात
कही है। वहीं मुआवजे के रूप में एक करोड़ रुपए का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा जाएगा।
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