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ईरान युद्ध की तैयारी में जुटा: अमेरिका पर नहीं भरोसा, होर्मुज स्ट्रेट को बना रहा सबसे बड़ा हथियार, मिडिल-ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव

Bansal sadi
3 months ago
ईरान युद्ध की तैयारी में जुटा: अमेरिका पर नहीं भरोसा, होर्मुज स्ट्रेट को बना रहा सबसे बड़ा हथियार, मिडिल-ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव

ईरान युद्ध की तैयारी में जुटा: अमेरिका पर नहीं भरोसा, होर्मुज स्ट्रेट को बना रहा सबसे बड़ा हथियार, मिडिल-ईस्ट में फिर बढ़ा तनाव

तेहरान/वॉशिंगटन। मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान अब अमेरिका के साथ संभावित नए संघर्ष की आशंका को देखते हुए व्यापक तैयारी में जुट गया है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार तेहरान को अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है और वह रणनीतिक रूप से खुद को मजबूत करने में लगा हुआ है। सबसे अहम बात यह है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को अपनी सबसे बड़ी सामरिक ताकत मान रहा है और जरूरत पड़ने पर इसे दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान की रणनीति तीन मुख्य मोर्चों पर आधारित है—सैन्य तैयारी, घरेलू समर्थन और कूटनीतिक सक्रियता। हालांकि बातचीत और सीजफायर की संभावनाओं के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं, लेकिन दूसरी तरफ ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को हाई अलर्ट पर रखा गया है।


होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और ऊर्जा आपूर्ति इसी रास्ते से होकर गुजरती है। यही वजह है कि ईरान इसे अपनी सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत मानता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ता है या गतिविधियां प्रभावित होती हैं तो इसका असर सिर्फ मध्य-पूर्व ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की तेल आपूर्ति और बाजार पर पड़ सकता है। ईरान इस समुद्री मार्ग को अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर दबाव बनाने के प्रभावी माध्यम के तौर पर देख रहा है।

ईरान की चेतावनी: अमेरिकी ठिकाने और ऊर्जा ढांचा बन सकते हैं निशाना
ईरानी नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि यदि नया संघर्ष शुरू होता है तो अमेरिका के सैन्य ठिकाने, ऊर्जा संरचनाएं और उससे जुड़े रणनीतिक हित निशाने पर आ सकते हैं। कुछ दिन पहले IRGC ने भी चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि यदि अमेरिका की ओर से कोई नया हमला होता है तो उसका जवाब पहले से अधिक आक्रामक और व्यापक होगा तथा उसका प्रभाव मध्य-पूर्व से बाहर तक महसूस किया जा सकता है। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है तथा कई देशों ने हालात पर नजर रखना शुरू कर दिया है।

पिछले 24 घंटे में सामने आए चार बड़े घटनाक्रम
1. ईरान का दावा—अमेरिकी ड्रोन को बनाया निशाना
ईरान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने अमेरिकी MQ-9B और RQ-4 ड्रोन को निशाना बनाया है। इसके साथ ही ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले F-35 लड़ाकू विमान पर भी फायरिंग किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि इन दावों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन इस बयान ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।

2. 88 दिन बाद आंशिक रूप से बहाल हुई इंटरनेट सेवा
ईरान में करीब 88 दिनों बाद इंटरनेट सेवाएं आंशिक रूप से बहाल की गई हैं। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स ने इसे आधुनिक इतिहास के सबसे लंबे राष्ट्रीय इंटरनेट ब्लैकआउट में से एक बताया है। लंबे समय तक इंटरनेट बंद रहने से देश में व्यापार, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ा था। इंटरनेट बहाली को लेकर आम लोगों में राहत देखी जा रही है।

3. नेतन्याहू की सुरक्षा बैठक, लेबनान सीमा पर फोकस
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने रक्षा अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान उत्तरी सीमा, लेबनान और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात पर चर्चा की गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई तेज करने और सीमा सुरक्षा मजबूत करने पर भी विचार हुआ।

4. अमेरिका का ईरानी बोट्स और मिसाइल ठिकानों पर हमला
सीजफायर वार्ता के बीच अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास कथित तौर पर बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स और बंदर अब्बास के मिसाइल ठिकानों पर कार्रवाई की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस कार्रवाई को आत्मरक्षा बताया और कहा कि यह कदम अमेरिकी जहाजों और सैनिकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया।

मिडिल-ईस्ट में फिर बढ़ रही युद्ध की आशंका
हालिया घटनाक्रमों ने एक बार फिर मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है। एक तरफ बातचीत और सीजफायर की कोशिशें जारी हैं तो दूसरी ओर सैन्य गतिविधियां भी तेज होती दिखाई दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर ईरान-अमेरिका संबंधों और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर टिकी हुई है।

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