बीकानेर की 40 हजार बीघा गोचर भूमि पर आवारा कुत्तों का आतंक, डॉग हाउस निर्माण की उठी मांग
बीकानेर की 40 हजार बीघा गोचर भूमि पर आवारा कुत्तों का आतंक, डॉग हाउस निर्माण की उठी मांग
पर्यावरणविद् मिलन गहलोत बोले— गाय, बछड़े और हिरण असुरक्षित, मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा जनआंदोलन
बीकानेर। बीकानेर शहर के आसपास फैली लगभग 40 हजार बीघा गोचर भूमि पर आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर पर्यावरणविद् मिलन गहलोत ने चिंता जताई है। उन्होंने प्रशासन से गोचर भूमि की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभाव से डॉग हाउस बनाने, आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान चलाने तथा गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
मिलन गहलोत ने बताया कि बीकानेर शहर में 80 वार्ड हैं और शहर के आसपास की गोचर भूमि गायों, हिरणों एवं अन्य वन्य जीवों के लिए प्राकृतिक आवास और भोजन का प्रमुख स्रोत है। उनका आरोप है कि वर्तमान में इस क्षेत्र में घूम रहे आवारा शिकारी कुत्ते रोजाना बूढ़ी गायों, छोटे बछड़ों और अन्य वन्य जीवों का शिकार कर रहे हैं, जिससे गोचर भूमि में रहने वाले पशुओं का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
उन्होंने कहा कि शहर में आए दिन आवारा कुत्तों द्वारा छोटे बच्चों पर हमले और काटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।
मिलन गहलोत ने कहा कि बीकानेर को नगर परिषद से नगर निगम और हाल ही में नगर विकास न्यास को नगर विकास प्राधिकरण का दर्जा मिल चुका है, लेकिन गोचर भूमि की सुरक्षा और आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि इस मुद्दे को कई बार प्रशासन और सरकार के समक्ष रखा गया, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
मुख्य मांगें
गोचर भूमि की सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द डॉग हाउस का निर्माण किया जाए।
आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान युद्धस्तर पर चलाया जाए।
गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे गायों और वन्य जीवों के लिए सुरक्षित किया जाए।
मिलन गहलोत ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र इन मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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