खुलासा न्यूज,बीकानेर। अधिकारी और पूर्व पार्षद के बीच तनातनी होने और मामला थाने तक पहुंच जाने की खबर सामने आयी है। घटना अनूपगढ़ के नगर पालिका की है। जहां पर अधिशासी अधिकारी (ईओ) मनीष कुमार पारीक और वार्ड 18 के पूर्व पार्षद राजेंद्र चलाना के बीच अनुभव प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर को लेकर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि ईओ ने पूर्व पार्षद के खिलाफ राजकार्य में बाधा, अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज कराया है।
घटना के विरोध में पालिका कर्मचारियों ने पूर्व पार्षद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर काम बंद कर दिया। ईओ मनीष पारीक ने बताया- सोमवार शाम करीब 5:15 बजे पूर्व पार्षद राजेंद्र चलाना उनके कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एक फर्म के अनुभव प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा। ईओ ने नियमानुसार शाखा प्रभारी से फाइल आने पर हस्ताक्षर करने की बात कही। ईओ के अनुसार, इस पर पूर्व पार्षद अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी और धक्का-मुक्की का प्रयास भी किया। इसके बाद ईओ ने पूर्व पार्षद राजेंद्र चलाना के खिलाफ अनूपगढ़ थाने में मामला दर्ज कराया।
पूर्व पार्षद राजेंद्र चलाना ने ईओ के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे अनुभव प्रमाण पत्र और वार्ड 18 निवासी हीराराम मेघवाल के दो साल से लंबित भूखंड पट्टे के संबंध में ईओ से मिलने गए थे। पूर्व पार्षद ने आरोप लगाया कि ईओ ने उनके और हीराराम के साथ दुर्व्यवहार किया और कर्मचारियों से उन्हें धक्के देकर बाहर निकलवा दिया।
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