Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

बीकानेर: इस क्षेत्र की 29 इकाइयों से रोज निकल रहा इतने केएलडी प्रदूषित पानी, पढ़ें ये खबर

rk
jeevan 2
3 months ago
बीकानेर: इस क्षेत्र की 29 इकाइयों से रोज निकल रहा इतने केएलडी प्रदूषित पानी, पढ़ें ये खबर

 बीकानेर: इस क्षेत्र की 29 इकाइयों से रोज निकल रहा इतने केएलडी प्रदूषित पानी, पढ़ें ये खबर 

बीकानेर। करणी औद्योगिक विस्तार में प्रदूषित जल की निकासी करने वाली 29 औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। केंद्रीय भू जल बोर्ड ने भी जिला कलेक्टर से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है। करणी औद्योगिक क्षेत्र प्रथम, द्वितीय और एसजीसी (स्प्रीट ग्रोथ सेंटर) का प्रदूषित पानी करणी विस्तार के करीब 62 बीघा में सालों से पसरा पड़ा है। इसका निस्तारण करने के लिए एनजीटी के फैसले के बाद पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने राज्य स्तरीय पर्यावरण निगरानी एवं प्रत्युत्तर समिति का गठन किया है। इस समिति की पहली बैठक के मिनिट्स जारी हो गए हैं, जिसमें रीको और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ सख्त निर्णय लिए गए हैं। 

पर्यावरण स्वीकृति के तहत जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित तंत्र अनिवार्य कर दिया गया है। छह माह के भीतर सीईटीपी की स्थापना नहीं करना निरंतर उल्लंघन की श्रेणी में माना जाएगा। इस मामले में पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से समिति को रिपोर्ट दी गई है, जिसमें साफ लिखा गया है कि बिना उपचार अपशिष्ट जल का निस्तारण किया जा रहा है। व्यक्तिगत ईटीपी (ईफल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का प्रदर्शन भी अपर्याप्त है। इसे देखते हुए सीईटीपी (कॉमन ईफल्यूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) की विधि सम्मत स्थापना को आवश्यक बताया गया है। राज्य स्तरीय समिति ने जरूरत पड़ने पर उन उद्योगों को बंद करने के निर्देश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को दे दिए हैं, जिनमें ईटीपी काम नहीं कर रहा है। रीको के करणी औद्योगिक क्षेत्र में 29 इकाइयों से प्रदूषित जल की निकासी होती है। समिति के फैसले से औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: