बीज निगम के डायरेक्टर सहित 6 आरोपियों को फिर दो दिन के रिमांड पर भेजा
बीज निगम के डायरेक्टर सहित 6 आरोपियों को फिर दो दिन के रिमांड पर भेजा
बीकानेर। रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार में बीजे निगम के डायरेक्टर पद से हटाए गए जुगल किशोर बिश्नोई सहित छह आरोपियों को एसीबी ने पांच दिन की पुलिस रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को फिर से कोर्ट में पेश किया, जहां कोर्ट ने एसीबी की मांग पर सभी आरोपियों को दो दिन और पुलिस रिमांड पर भेजा है। बता दें कि एसीबी की टीम ने लूणकरणसर में एक बस में सवार स्वतंत्र कुमार ज्याणी को पकड़ा था, जिसके पास मिले बैग में 85 लाख रुपए बरामद हुए। एसीबी की पूछताछ में स्वतंत्र कुमार ने बताया था कि ये पैसे उसके मामा जुगल किशोर बिश्नोई के है, जिन्हें श्रीगंगानगर ले जा रहा था। उसके बाद एसीबी की दूसरी टीम ने बीज निगम के डायरेक्टर जुगल किशोर के घर पर सर्च किया, जहां एसीबी को करीब एक करोड़ 59 लाख रुपए मिले। एसीबी के अनुसार यह पैसा गुजरात बेस्ड बीज कंपनी से रिश्वत के रूप में लिया गया था। इस रिश्वत में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से शामिल जुगल किशोर बिश्नोई, स्वतंत्र कुमार ज्याणी, किरण भाई कपाडिय़ा, गणपत बिश्नोई, सतपाल सिंह, सुनील कुमार सेतिया को गिरफ्तार किया। जिन्हें एसीबी ने शुक्रवार को दूबारा कोर्ट में पेश किया, एसीबी की रिमांड पर कोर्ट ने दो दिन पुलिस रिमांड स्वीकृत किया। इसके बाद अब एसीबी अगले दो दिनों तक आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी।अब तक 2.45 करोड़ रुपए बरामद
एसीबी जांच में अब तक करीब 2.45 करोड़ रुपए नकद बरामद किए जा चुके हैं। जांच एजेंसी को मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और लेन-देन से संबंधित जानकारियां भी मिली हैं, जिनकी जांच की जा रही है।लेन-देन और नेटवर्क की कडिय़ां खंगाल रही एसीबी सूत्रों के अनुसार एसीबी अब कथित उगाही तंत्र, नकली बीज कारोबार और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की परतें खोलने में जुटी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कथित रूप से वसूली गई राशि का बंटवारा किन-किन माध्यमों से हुआ। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस ढाई करोड़ रुपए के अलावा कोई राशि रिश्वत के तौर ली गई है? अगर ली गई है तो उसे कहां-कहां खपाया गया?रिमांड के दौरान हो सकते हैं बड़े खुलासेएसीबी अधिकारियों का मानना है कि अतिरिक्त रिमांड के दौरान पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसी आरोपियों के बयानों का मिलान जब्त दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड से कर रही है। मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या नए नाम सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ