Khulasa Online
TM Jewellers
Breaking
• बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर!

श्रीमद्भागवत कथा: अशक्ति ही सुख दुख का कारण,भगवान पर भरोसा रखने का संदेश

rk
6 hours ago
श्रीमद्भागवत कथा: अशक्ति ही सुख दुख का कारण,भगवान पर भरोसा रखने का संदेश

खुलासा न्यूज,बीकानेर।  स्थानीय दाउजी रोड स्थित श्री आदि गणेश मंदिर में श्री आदि गणेश भक्त मंडल के तत्वाधान मेें सात दिवसीय स ंगीतमय भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक पं.सुनील व्यास ने शुक आगमन,भीष्म स्तुति,कपिल चरित्र और ध्रुव चरित्र जैसे दिव्य प्रसंगों का  भावपूर्ण वर्णन किया। पं व्यास ने बताया कि कपिलभगवान ने माता देवहूति से कहा कि ये अशक्ति ही सुख दुख का कारण है। यदि संसार में ये  अशक्ति है, तो दु:ख का कारण बन जाती है।

 

यही अशक्ति भगवान और उनमें भक्ति में हो जाए तो मोक्ष का द्वार खुल जाता है।उन्होंने बताया कि  शुकदेव जी के आगमन से भागवत कथा का शुभारंभ होता है,जिससे ज्ञान और भक्ति की धारा प्रवाहित होती है।भीष्म स्तुति प्रसंग में महाराज ने  पितामह भीष्म के जीवन को धर्म,नीति और भक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि मृत्यु शैया पर भी श्रीकृष्ण का ध्यान कर भीष्म ने यह संदेश  दिया कि सच्चा भक्त हर परिस्थिति में ईश्वर को स्मरण रखता है।

 

 

कपिल चरित्र के माध्यम से महाराज श्री ने सांख्य योग के सिद्धांतों का उल्लेख करते  हुए आत्मज्ञान और भक्ति को मोक्ष का मार्ग बताया। ध्रुव चरित्र के प्रसंग में पांच वर्षीय बालक ध्रुव की अटूट श्रद्धा और संकल्प का वर्णन किया  गया,जिसमें बताया गया कि सच्ची लगन और दृढ़ निश्चय से असंभव भी संभव हो जाता है। ध्रुव की भक्ति हर युग में प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

 

 

 पं व्यास ने कहा कि यदि भगवान पर भरोसा है पूर्ण विश्वास है तो जीवन में कोई संकट हो ही नहीं सकता। इसके बाद ऋषभ देव के चरित्र वर्णन  करते हुए कहा कि मनुष्य को ऋ षभ देव जी जैसा आदर्श पिता होना चाहिए। जिन्होंने अपने पुत्रों को समझाया कि इस मानव शरीर को पाकर  दिव्य तप करना चाहिए, जिससे अंत:करण की शुद्धि हो तभी उसे अनंत सुख की प्राप्ति हो सकती है। भगवान को अर्पित भाव से किया गया कर्म  ही दिव्य तप है। 

 


महाभारत के प्रसंगों का वर्णन करते हुए कथा व्यास आसन पर पीठासीन महाराजश्री ने कहा भगवान श्री कृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से हमें  क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए इसके उदाहरण प्रस्तुत किए हैं और जो अधर्म के पक्षधर थे।कथा के दौरान 'जय श्री राधे,जय श्री  श्याम' के जयकारों से पूरा पंडाल भक्तिरस में डूबा रहा। कथा के यजमान के रूप में देव सोनी और सोहन सोनी ने सपत्नीक विधिवत पूजा- अर्चना और आरती संपन्न की। मंडल अध्यक्ष अविनाश चन्द्र व्यास ने बताया कि के कथा के तीसरे दिन बुधवार को प्रसंगों में जड़ भरत का राजा  रक्षण का उपदेश,भौगोलिक खगोलीय एवं नरकों का वर्णन अजामिल चरित्र वृत्तासुर का भक्ति भाव एवं प्रहलाद चरित्र का वर्णन होगा। इस दौरान  रामजी व्यास ने भजनों की प्रस्तुति दी। 

 


कथा श्रवण से कई जन्मों के पाप मिटाती है भागवत
उधर गोपेश्वर बस्ती में अमर ज्योति स्कूल के पास आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। कथा वाचक पं.आनंद महाराज ने   बताया मंगलवार की कथा में सुखदेव जी राजा परिचित को भागवत कथा का पान करवाया। भगवान कृष्णा विधुर जी के घर जाकर पड़े  प्रेम से  केले के छिलके खाए। महाराज ने भागवत कथा सुनने से कई जन्मों जन्मों के पाप मिट जाते है। कथा में मुख्य यजमान श्याम सुन्दर सोनी ने पूजा  करवाई।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: