Khulasa Online
Breaking
• बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • बड़ी खबर: बिल्डिंग में लगी भीषण आग, नौ लोगो की मौत,कुछ के सिर्फ कंकाल मिले • हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • बड़ी खबर: बिल्डिंग में लगी भीषण आग, नौ लोगो की मौत,कुछ के सिर्फ कंकाल मिले • हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

शीतला अष्टमी है आज, ये रहेगा पूजन का शुभ मुहूर्त और उपासना विधि

rk
2 months ago
शीतला अष्टमी है आज, ये रहेगा पूजन का शुभ मुहूर्त और उपासना विधि

शीतला अष्टमी है आज, ये रहेगा पूजन का शुभ मुहूर्त और उपासना विधि

 शीतला अष्टमी का पावन पर्व हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है. कुछ क्षेत्रों में इस पर्व को बसोड़ा के नाम से भी जाना जाता है. यह पर्व बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस बार शीतला अष्टमी 11 मार्च 2026 यानी आज मनाया जा रहा है. मान्यता है कि इस दिन माता शीतला की पूजा की जाती है और उनसे रोगों से रक्षा की प्रार्थना की जाती है. कुछ इलाकों में इस पर्व को बसोड़ा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन बासी भोजन खाने की परंपरा है. अष्टमी के दिन घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता. लोग सप्तमी की रात को ही भोजन बनाकर रख लेते हैं. अलग-अलग क्षेत्रों में मीठे चावल, दही बड़े, रबड़ी और कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं. अगले दिन माता शीतला को इन व्यंजनों का भोग लगाया जाता है और फिर उसी ठंडे प्रसाद को ग्रहण किया जाता है. तो आइए पंडित प्रवीण मिश्र द्वारा इस पर्व के पूजन का शुभ मुहूर्त जानते हैं.  शीतला अष्टमी की अष्टमी तिथि 11 मार्च यानी आज अर्धरात्रि 1 बजकर 54 मिनट पर शुरू हो चुकी है और तिथि का समापन 12 मार्च को तड़के 4 बजकर 19 मिनट पर होगा.शीतला अष्टमी का पूजन मुहूर्त आज सुबह 6 बजकर 36 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. इस बीच आप कभी भी माता शीतला की पूजा कर सकते हैं. 

शीतला अष्टमी 2026 महत्व 
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, शीतला का अर्थ है ठंडक प्रदान करने वाली. माता शीतला को शीतलता देने वाली देवी माना जाता है. इस समय धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगती है और शीतला अष्टमी के बाद मौसम और गर्म होने लगता है. इसलिए इस पर्व पर माता शीतला से प्रार्थना की जाती है कि उनकी कृपा से शरीर को ठंडक मिले और लोग स्वस्थ रहें. खासतौर पर पहले के समय में चेचक जैसे रोग काफी फैलते थे. संक्रमण और इंफेक्शन से जुड़ी कई बीमारियों के कारण बहुत से लोगों की जान चली जाती थी. इसलिए कई इलाकों में लोग शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला की पूजा करके उनसे इन रोगों से बचाव की प्रार्थना करते थे. विशेष रूप से त्वचा से जुड़ी बीमारियों और संक्रमण से बचाव के लिए माता शीतला से प्रार्थना की जाती थी. बच्चों को ये बीमारियां ज्यादा लगती थीं, इसलिए उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी माता से प्रार्थना की जाती थी.

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: