Khulasa Online
TM Jewellers
Hospital
Suhag
BANSAL 2
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
KHAOSA

सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेट पर पुलिस का एक्शन, हजारों मोबाइल नंबर किए बंद, अश्लील कंटेट पर कार्रवाई, पढ़ें खबर

Bansal
D1
D2
D3
D4
D5
D6
1 month ago
सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेट पर पुलिस का एक्शन, हजारों मोबाइल नंबर किए बंद, अश्लील कंटेट पर कार्रवाई, पढ़ें खबर

खुलासा न्यूज,बीकानेर। तेजी से बढ़ते अश्लील कंटेट को लेकर राजस्थान पुलसि ने बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर तेजी से फैलते अश्लील कंटेट के खिलाफ की गयी है। राजस्थान साइबर क्राइम विंग और राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर ने सोशल मीडिया पर अश्लील फिल्में भेजने पर कार्रवाई की।

 

 टीमों ने तकनीकी जांच के बाद कई सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट, वॉट्सएप और टेलीग्राम से जुड़े करीब 7,800 यूआरएल और प्रोफाइल ब्लॉक करवाए गए। इसके अलावा चाइल्ड पोर्नोग्राफी गतिविधि में यूज किए जा रहे 15 हजार 326 मोबाइल और 100 से अधिक डिजिटल डिवाइस को ब्लॉक करवाया गया है।

 


राजस्थान पुलिस ने इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट और वॉट्सएप से जुड़े लगभग 7 हजार 800 यूआरएल-प्रोफाइल और 15 हजार 326 मोबाइल नंबर व 100 डिवाइस चिन्हित कर ब्लॉक करवाए गए। तकनीकी विश्लेषण और एनसीएमईसी की रिपोर्ट्स के आधार पर संबंधित मोबाइल नंबर, अकाउंट और डिजिटल ट्रेल की पहचान की गई। इसके बाद संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को सूचना देकर आपत्तिजनक लिंक और मोबाइल नंबर ब्लॉक करवाए गए।

 


राजस्थान पुलिस ने कहा- इंटरनेट पर गुमनाम पहचान के पीछे छिपकर बाल यौन शोषण सामग्री देखना, डाउनलोड करना, रखना या शेयर करना सुरक्षित नहीं है। पुलिस तकनीकी माध्यमों से ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रख रही है। डिजिटल ट्रेल के आधार पर संबंधित व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: