नीट पेपर लीक को लेकर एनएसयूआई आक्रोशित, केन्द्रीय गृहमंत्री को सौंपना चाहते है ज्ञापन, पढ़ें खबर
खुलासा न्यूज,बीकानेर। नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच आज गृहमंत्री अमित शाह बीकानेर पहुंच रहे है लेकिन ठीक पहले एनएसयूआई के एक पत्र से जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। दरअसल एनएसयूआई का एक प्रतिनिधि मंडल अमित शाह से मिलकर नीट पेपर लीक को ज्ञापन सौपना चाहता है। जिसमें नीट पेपर लीक से जुड़ी विभिन्न मांगे शामिल है। ऐसे में फिलहाल ज्ञापन को लेकर मिलाने और मिलने का समय तो तय नहीं हो पाया है लेकिन पत्र आने के बाद नई तरह की चर्चाएं शुरू हो गयी है।
पत्र के माध्यम से नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक को लेकर एनएसयूआई बीकानेर ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा ने बताया कि हमारा एक शिष्टमंडल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग करेंगे ।
ज्ञापन में एनएसयूआई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पेपर लीक प्रकरण में संलिप्त बताते हुए मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। संगठन का कहना है कि एनटीए और शिक्षा मंत्रालय अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहे हैं। एनटीए को तत्काल भंग कर नई पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जाए। जब तक जांच पूरी नहीं होती, नीट सहित सभी संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई जाए। छात्रों को दूसरा मौका मिलना उनका संवैधानिक अधिकार है।
पेपर लीक माफिया और संगठित गिरोहों पर एनएसए, यूएपीए और आईपीसी की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर संपत्ति कुर्क की जाए। जांच सीबीआई या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो ताकि कोई दोषी बच न सके।
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा ने ज्ञापन में कहा कि लगातार नीट, यूजीसी जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक होने से 24 लाख छात्रों का भविष्य खतरे में है। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।
ज्ञापन के अंत में लिखा गया है कि युवा छात्र न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। यदि सरकार ने सिर्फ आश्वासन दिया और कार्रवाई नहीं की तो देश का युवा और जनता माफ नहीं करेगी। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा ने कहा कि आज देश के 24 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक होना साबित करता है कि एनटीए और शिक्षा मंत्रालय अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह फेल हो चुके हैं।
एनएसयूआई अध्यक्ष ने कहा कि हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मांग करते हैं कि पेपर लीक प्रकरण में संलिप्तता के आरोपों के चलते केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाए। नैतिकता के आधार पर उन्हें एक मिनट भी पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। युवा अब सिर्फ आश्वासन से नहीं मानेगा। अगर सरकार ने तुरंत ठोस कार्रवाई नहीं की, तो एनएसयूआई सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करेगी। देश का युवा और जनता सरकार को माफ नहीं करेगी।
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