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बड़ी खबर: 75 करोड़ की हेरोइन ड्रोन ड्रॉपिंग का मास्टरमाइंड दबोचा, 13 महीने से था फरार

6 hours ago
बड़ी खबर: 75 करोड़ की हेरोइन ड्रोन ड्रॉपिंग का मास्टरमाइंड दबोचा, 13 महीने से था फरार

बड़ी खबर: 75 करोड़ की हेरोइन ड्रोन ड्रॉपिंग का मास्टरमाइंड दबोचा, 13 महीने से था फरार

बीकानेर। बीकानेर पुलिस ने मादक पदार्थ और हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराष्ट्रीय नार्को-आर्म्स सिंडिकेट के मुख्य सरगना और ₹75 हजार के इनामी बदमाश राकेश प्रजापत को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा ₹50 हजार तथा पाली पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹25 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, राकेश प्रजापत अप्रैल माह में बीकानेर में हुई करीब ₹75 करोड़ की हेरोइन ड्रोन ड्रॉपिंग और 2 अगस्त को खाजूवाला में हुई नार्को-आर्म्स ड्रोन ड्रॉपिंग का मुख्य मास्टरमाइंड है।

अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे से दबोचा गया
एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन में साइबर सेल, जिला पुलिस स्पेशल टीम और खाजूवाला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के आधार पर आरोपी को अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस-वे पर पंजाब से जोधपुर की ओर जाते समय नाकाबंदी कर गिरफ्तार किया।

13 महीने से फरार, कई राज्यों की पुलिस को दे रहा था चकमा
पुलिस के मुताबिक आरोपी पिछले 13 महीनों से फरार था और लगातार अपनी पहचान बदलकर विभिन्न राज्यों में छिप रहा था। वह सोशल मीडिया पर 'दुबई किंग' और 'सरकार ग्रुप' जैसे नामों से सक्रिय था। उसकी तलाश गोवा, पंजाब, पाली, ब्यावर और बीकानेर पुलिस लंबे समय से कर रही थी। आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने बेंगलुरु, जयपुर, जोधपुर और ब्यावर सहित कई शहरों में लगातार कैंप किए और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों पर नजर रखी।

फरीदकोट जेल से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2024-25 में वह पंजाब की फरीदकोट जेल में करीब एक साल तक बंद रहा। इसी दौरान उसका संपर्क अंतरराष्ट्रीय नार्को-आर्म्स सिंडिकेट से हुआ। जेल से बाहर आने के बाद उसने बॉर्डर पार से ड्रोन के जरिए भेजी जाने वाली हेरोइन और हथियारों की खेप प्राप्त कर पंजाब और अन्य राज्यों में सप्लाई का नेटवर्क तैयार किया।

आलीशान जिंदगी के लिए चुना अपराध का रास्ता
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी को बार, क्लब और पबों में आलीशान जिंदगी जीने का शौक था। इसी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए वह अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़ गया और नशे तथा अवैध हथियारों की तस्करी में सक्रिय हो गया।

22 संगीन मुकदमे दर्ज
राकेश प्रजापत के खिलाफ राजस्थान, पंजाब, गोवा और कर्नाटक के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट सहित गंभीर धाराओं में 22 मुकदमे दर्ज हैं। वह बीकानेर के पुगल और खाजूवाला थाना क्षेत्रों के मामलों में भी वांछित था।

इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
यह कार्रवाई एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बनवारी लाल मीणा के सुपरविजन में की गई। अभियान में वृत्ताधिकारी आकांक्षा, रणवीर सांई, थानाधिकारी अशोक बिश्नोई, साइबर सेल के उपनिरीक्षक दीपक यादव सहित संयुक्त पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ में अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क, ड्रोन के जरिए हुई अन्य खेपों और सहयोगियों को लेकर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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