Khulasa Online
Breaking
• राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • बड़ी खबर: बिल्डिंग में लगी भीषण आग, नौ लोगो की मौत,कुछ के सिर्फ कंकाल मिले • हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत • निगहबानी के साथ आत्मनिर्भरता भी : ऐसी एंटी शिप मिसाइल बना रहा भारत, जिसकी रफ्तार जानकर दुश्मन रह जाएंगे हैरान! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • बड़ी खबर: बिल्डिंग में लगी भीषण आग, नौ लोगो की मौत,कुछ के सिर्फ कंकाल मिले • हादसा: तेज आंधी में डूबा क्रूज, 9 की मौत, कई अब भी लापता • बीकानेर में दर्दनाक हादसा: पशु से टकराई बाइक, युवक की मौत • निगहबानी के साथ आत्मनिर्भरता भी : ऐसी एंटी शिप मिसाइल बना रहा भारत, जिसकी रफ्तार जानकर दुश्मन रह जाएंगे हैरान!
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

FDI नियमों में बड़ा बदलाव: पड़ोसी देशों के 10% से कम निवेश को ऑटोमैटिक मंजूरी, स्टार्टअप्स को मिलेगा फायदा

rk
bikaner
1 month ago
पड़ोसी देशों के 10% से कम निवेश को ऑटोमैटिक मंजूरी, स्टार्टअप्स को मिलेगा फायदा

FDI नियमों में बड़ा बदलाव

FDI नियमों में बड़ा बदलाव: पड़ोसी देशों के 10% से कम निवेश को ऑटोमैटिक मंजूरी, स्टार्टअप्स को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने भारत के साथ सीमा साझा करने वाले देशों, खासकर चीन से आने वाले फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के नियमों में महत्वपूर्ण ढील दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार (10 मार्च) को हुई कैबिनेट बैठक में प्रेस नोट-3 से जुड़े नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि यह फैसला भारत में विदेशी निवेश बढ़ाने और व्यापार को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

10% से कम हिस्सेदारी पर ऑटोमैटिक मंजूरी

नए नियमों के तहत यदि किसी निवेश प्रस्ताव में भारत के पड़ोसी देश के निवेशक की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से कम है और कंपनी के संचालन या फैसलों पर उसका नियंत्रण नहीं है, तो ऐसे निवेश को अब सरकारी मंजूरी के बिना ऑटोमैटिक अप्रूवल मिल जाएगा। हालांकि ऐसी स्थिति में संबंधित भारतीय कंपनी को डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) को इसकी जानकारी देनी होगी। अब तक प्रेस नोट-3 के कारण पड़ोसी देशों से जुड़े निवेश के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी थी, जिससे कई निवेश प्रस्ताव लंबित रहते थे और निवेशकों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ता था।

क्या होता है FDI
जब कोई विदेशी कंपनी या व्यक्ति भारत में किसी कंपनी, फैक्ट्री, स्टार्टअप या किसी अन्य व्यवसाय में सीधे निवेश करता है, तो उसे फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) कहा जाता है। यह निवेश किसी देश की अर्थव्यवस्था के विकास और नए उद्योगों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

स्टार्टअप और डीप टेक सेक्टर को होगा फायदा
सरकार का मानना है कि इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा भारतीय स्टार्टअप्स और डीप टेक कंपनियों को मिलेगा। अब तक कई वैश्विक प्राइवेट इक्विटी (PE) और वेंचर कैपिटल (VC) फंड्स भारत में निवेश करने से हिचकते थे, क्योंकि उनमें पड़ोसी देशों के निवेशकों की छोटी हिस्सेदारी भी होने पर सरकारी अनुमति लेना जरूरी हो जाता था। नई व्यवस्था में 10 प्रतिशत की सीमा तय होने से ऐसे फंड्स के लिए भारत में निवेश करना आसान हो जाएगा और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।

‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा स्पष्ट
सरकार ने निवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा को भी स्पष्ट कर दिया है। इसे अब प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) रूल्स, 2005 के अनुरूप कर दिया गया है। यदि किसी निवेश में पड़ोसी देश के निवेशक की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से कम है और वह कंपनी के निर्णयों को प्रभावित नहीं करता है, तो ऐसे निवेश को सीधे अनुमति मिल जाएगी।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए फास्ट-ट्रैक सिस्टम
कैबिनेट ने रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विदेशी निवेश के लिए फास्ट-ट्रैक अप्रूवल सिस्टम को भी मंजूरी दी है। इसके तहत अब ऐसे निवेश प्रस्तावों पर सरकार को 60 दिनों के भीतर फैसला लेना होगा। इस कदम से भारतीय कंपनियों को विदेशी कंपनियों के साथ टेक्नोलॉजी साझेदारी और जॉइंट वेंचर बनाने में आसानी होगी। सरकार का मानना है कि इससे भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत स्थान बनाने में मदद मिलेगी।

निवेश बढ़ाने और कारोबार आसान बनाने की कोशिश
सरकार का कहना है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य विदेशी निवेश को आकर्षित करना, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह नीति प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो आने वाले समय में भारत में विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ सकता है और देश के तकनीकी तथा औद्योगिक क्षेत्रों को नई गति मिल सकती है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Tags: #Major Change in FDI Rules
Share: