Khulasa Online
Breaking
• बंगाल में दूसरे चरण की 142 सीटों पर वोटिंग कल, ममता के सामने भाजपा के सुवेंदु अधिकारी मैदान में • चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल कीमतें बढ़ाने की योजना पर मंत्रालय का बड़ा बयान • सप्त शक्ति कमांड द्वारा ईसीएचएस सेमिनार आयोजित • बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ, मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स, सामने आई चौंकाने वाली घटना • सांसद की कार पर ईंट-पत्थर से हमला, सांसद, उनका ड्राइवर घायल; 3 भाजपा कार्यकर्ता अरेस्ट • बंगाल में दूसरे चरण की 142 सीटों पर वोटिंग कल, ममता के सामने भाजपा के सुवेंदु अधिकारी मैदान में • चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल कीमतें बढ़ाने की योजना पर मंत्रालय का बड़ा बयान • सप्त शक्ति कमांड द्वारा ईसीएचएस सेमिनार आयोजित • बैंक कर्मचारियों ने कहा था- जिसका खाता उसे लेकर आओ, मरी हुई बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा शख्स, सामने आई चौंकाने वाली घटना • सांसद की कार पर ईंट-पत्थर से हमला, सांसद, उनका ड्राइवर घायल; 3 भाजपा कार्यकर्ता अरेस्ट
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

70 करोड़ की हेरोइन का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क: बीकानेर बॉर्डर से पंजाब जेल तक जुड़े तार

rk
7 hours ago
70 करोड़ की हेरोइन का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क: बीकानेर बॉर्डर से पंजाब जेल तक जुड़े तार

70 करोड़ की हेरोइन का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क: बीकानेर बॉर्डर से पंजाब जेल तक जुड़े तार

बीकानेर। राजस्थान से लेकर पंजाब की जेल तक फैले अंतरराष्ट्रीय हेरोइन तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने जयपुर से दो युवकों को हिरासत में लिया है, जबकि मुख्य आरोपी राकेश प्रजापत अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

हादसे से खुला बड़ा राज

पूरे मामले का खुलासा 22 अप्रैल को हुआ, जब पूगल रोड पर स्कूटी सवार खेताराम मेघवाल नीलगाय से टकराकर घायल हो गया। हादसे के बाद उसकी स्कूटी से 14 किलो हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 70 करोड़ रुपये आंकी गई।

खेताराम फिलहाल पीबीएम अस्पताल में भर्ती है और होश में नहीं होने के कारण उससे पूछताछ नहीं हो सकी है।

जयपुर से दो आरोपी हिरासत में

जांच में सामने आया है कि जयपुर में कैटरिंग का काम करने वाले राहुल रावत और प्रशांत कयाल इस नेटवर्क में सक्रिय थे। पुलिस के अनुसार दोनों मुख्य आरोपी राकेश प्रजापत के लिए ‘डिलीवरी मैन’ के रूप में काम कर रहे थे। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये पहले भी पाकिस्तानी ड्रोन के जरिए गिराई गई हेरोइन की खेप आगे पहुंचा चुके हैं।

बॉर्डर और स्थानीय नेटवर्क का इस्तेमाल

तस्करी के लिए खाजूवाला बॉर्डर क्षेत्र का इस्तेमाल किया गया। साथ ही स्थानीय व्यक्ति की स्कूटी का उपयोग कर शक से बचने की कोशिश की गई। पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया।

पंजाब जेल से जुड़े कनेक्शन

जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी राकेश प्रजापत पहले पंजाब की जेल में रह चुका है, जहां उसकी पहचान पाकिस्तान से जुड़े तस्करी नेटवर्क से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद वह इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सक्रिय सदस्य बन गया।

राकेश प्रजापत के खिलाफ पाली में सात और पंजाब में एक डकैती का मामला दर्ज है। पुलिस को उसके नेटवर्क के तार दिल्ली और बेंगलुरु तक जुड़े होने की आशंका है।

एसपी का बयान

मृदुल कच्छावा ने बताया कि 70 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामदगी मामले में जांच तेजी से चल रही है। कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का बड़ा खुलासा होने की संभावना है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: