बजट में इनकम टैक्स स्लेब को लेकर आई ये बड़ी खबर
दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार अपना नौवां बजट पेश कर रही है। लोकसभा में उनका बजट भाषण जारी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान एलान किया कि देश में छह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर TCS दर अब 2% होगी, जो पहले 5% और 20% थी. इसके लिए किसी राशि की शर्त नहीं होगी. उन्होंने यह भी बताया कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से किसी व्यक्ति को मिले ब्याज पर अब आयकर नहीं लगेगा और इस पर TDS भी नहीं काटा जाएगा। पर्यटन और पर्यावरण क्षेत्र में भी सरकार ने नई पहल की घोषणा की. सीतारमण ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल विकसित की जाएगी, साथ ही अराकू वैली और पश्चिमी घाट में भी ऐसी ट्रेल्स तैयार की जाएंगी. ओडिशा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख कछुआ घोंसले वाले क्षेत्रों के पास कछुआ ट्रेल्स का विकास किया जाएगा, ताकि जैव विविधता का संरक्षण हो और पर्यटन को बढ़ावा मिले. कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ‘भारत विस्तार’ के तहत आया है. यह एक बहुभाषी AI टूल है जो एग्री-स्टैक पोर्टल और ICAR के कृषि प्रथाओं के पैकेज को AI सिस्टम से जोड़कर किसानों और कृषि व्यवसायियों को स्मार्ट और आसान एक्सेस देगा। सीतारमण ने कहा कि इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नारियल उत्पादन बढ़ाने के लिए संवर्धन योजना का प्रस्ताव
सीतारमण ने कहा- नारियल उत्पादन में कॉम्पिटिशन को और बढ़ाने के लिए मैं एक नारियल संवर्धन योजना का प्रस्ताव करती हूं ताकि अलग-अलग तरीकों से उत्पादन बढ़ाया जा सके और उत्पादकता बेहतर हो सके। इसमें मुख्य नारियल उगाने वाले राज्यों में बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाना शामिल है। भारतीय काजू और कोको के लिए एक खास प्रोग्राम का प्रस्ताव है ताकि भारत कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन और प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बन सके, निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और भारतीय कोको को प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड में बदला जा सके।
मोटर एक्सीडेंट क्लैम की रकम को इनकम टैक्स से छूट'
-टैक्स अनुमान - 34 लाख करोड़ का है। एस्टीमेट -
-कैपिटल एक्सपेंडिचर 11 लाख करोड़ और बजट एस्टिमेट - टोटल एस्टीमेटेड 36.5 लाख करोड़ का है।
-न्यू इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा
-सिंपलीफाइड फॉर्म रीडिजाइन किए गए हैं, आम आदमी भर सके।
-मोटर एक्सीडेंट क्लैम की रकम को इनकम टैक्स से छूट दी गई है।
-ओवरसीज टूर प्रोग्राम पर 5 परसेंट की जगह 2 परसेंट टैक्स किया गया है।
-एजुकेशन और मेडिकल पर्पज पर 5 की जगह 2 परसेंट टैक्स किया गया है।
-एम्पलाईज हायरिंग सर्विस पर 1 से 2 परसेंट टैक्स होगा।
-20 लाख रुपए से कम की विदेश में इम्मूवेवल प्रॉपर्टी डिस्क्लोज करने पर पेनाल्टी नहीं।
बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं
-मालगाड़ी के लिए नया कॉरिडोर: पश्चिम बंगाल के डानकुनी के लिए एक नए फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान किया गया है।
-इंफ्रा पर बड़ा खर्च: अगले वित्त वर्ष (2026-27) के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपए का कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) तय किया गया है। यह पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है।
-रेयर अर्थ कॉरिडोर: केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में दुर्लभ खनिजों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें आंध्र प्रदेश को भी जोड़ा जाएगा ताकि खनिज संपन्न राज्यों को फायदा मिले।
-टेक्सटाइल सेक्टर: देश में बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे।
-दवाइयों के क्षेत्र में 'शक्ति': 10,000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ 'बायो-फार्मा शक्ति' योजना शुरू होगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान खुलेंगे।
चिप मैन्युफैक्चरिंग: भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करेगा।
-इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर: मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के कलपुर्जे बनाने के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
इन 6 बड़े क्षेत्रों पर रहेगा सरकार का फोकस
-रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग: नए और जरूरी क्षेत्रों में उत्पादन की क्षमता बढ़ाना।
-पुराने उद्योग: पुराने पड़ चुके औद्योगिक क्षेत्रों को दोबारा जीवित करना।
-छोटे उद्योग (MSME): छोटे और मध्यम उद्योगों को ग्लोबल चैंपियन बनाना।
-इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों, रेलवे और अन्य बुनियादी ढांचे को जबरदस्त मजबूती देना।
-सुरक्षा और स्थिरता: देश में लंबी अवधि की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना।
-शहरों का विकास: शहरों को व्यापार और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना।
बजट के 3 मुख्य कर्तव्य और विजन
-रफ्तार: प्रॉडक्टिविटी बढ़ाकर आर्थिक विकास की गति को तेज करना।
-क्षमता: लोगों की काबिलियत को निखारना ताकि वे देश की तरक्की में भागीदार बनें।
-सबका साथ: हर परिवार और क्षेत्र के पास कमाई के पर्याप्त संसाधन और मौके हों।
अर्थव्यवस्था पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड
-आत्मनिर्भरता: भारत ने खुद की मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाई है, जिससे विदेशों से सामान मंगाने की निर्भरता कम हुई है।
-ग्रोथ रेट: पिछले सुधारों की वजह से भारत 7% की विकास दर हासिल कर रहा है, जिससे गरीबी कम करने में मदद मिली है।
-12 साल का सफर: वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले 12 सालों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर रही है और महंगाई काबू में है।
-वैश्विक चुनौतियां: दुनिया में ट्रेड और सप्लाई चेन में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन भारत 'विकसित भारत' की ओर कदम बढ़ाता रहेगा।