Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

होलिका दहन कल, जानें श्रेष्ठ मुहूर्त, 3 मार्च को धुलंडी, रंग-गुलाल और पिचकारी से सजे बाजार

rk
3 months ago
होलिका दहन कल, जानें श्रेष्ठ मुहूर्त, 3 मार्च को धुलंडी, रंग-गुलाल और पिचकारी से सजे बाजार

होलिका दहन कल, जानें श्रेष्ठ मुहूर्त, 3 मार्च को धुलंडी, रंग-गुलाल और पिचकारी से सजे बाजार
बीकानेर। होलिका दहन और धुलंडी पर्व को लेकर कंफूयजन बना हुआ है। लेकिन बीकानेर में सोमवार को होली पर्व मनाया जाएगा। सोमवार को शाम को 5:56 बजे पूर्णिमा शुरू होगी। यह अगले दिन 3 मार्च को शाम 5:08 बजे तक रहेगी। होलिका दहन 2 मार्च (सोमवार) को प्रदोष काल में सांय 6:36 बजे से रात 9 बजे तक श्रेष्ठ है। 
होली से एक दिन पहले रविवार को दिनभर बाजार में रौनक रही। जगह-जगह चंग की थाप पर होली गीत सुनाई देने लगे है। बाजार में रंग-गुलाल की दुकानों पर रंग व पिचकारी सजी हुई है।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल की प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को भद्रा रहित काल में करना शास्त्र सम्मत है। इस वर्ष फाल्गुन चतुर्दशी सोमवार को शाम 5.56 बजे तक है। उसके बाद पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। जो तीन मार्च को शाम 5.08 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल में पूर्णिमा होने से दो मार्च को ही होलिका दहन किया जाएगा। इस दिन भद्रा शाम 5.56 बजे से देर रात 5.29 बजे तक रहेगी। जो सर्वथा ताज्य है। दो मार्च को शाम 6.36 बजे से रात नौ बजे तक होलिका दहन करना श्रेष्ठ बताया गया है। भद्रा पुच्छ काल रात 12.51 बजे से मध्य रात्रि 2.01 बजे तक रहेगा। होलिका दहन इस समय के बीच में भी किया जा सकता है। पंडितों का कहना है कि होली दो मार्च को और धुलंडी तीन मार्च को रहेगी। तीन तरह का विधान है। इसमें प्रदोष काल, भद्रा का पुच्छ काल और भद्रा की समाप्ति का है। तीनों ही समय में होलिका दहन हो सकता है। देश के सभी पंचांगों में तीन मार्च को ही धुलंडी रहेगी।

Basic School
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: