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बीकानेर सहित प्रदेशभर में गंदे पानी की सब्जियों को लेकर हाईकोर्ट सख्त, पूछा- कितनी एफआईआर और कार्रवाई हुई, पढ़ें खबर

2 weeks ago
बीकानेर सहित प्रदेशभर में गंदे पानी की सब्जियों को लेकर हाईकोर्ट सख्त, पूछा- कितनी एफआईआर और कार्रवाई हुई, पढ़ें खबर

खुलासा न्यूज,बीकानेर। खाद्य पदार्थो रोकने को लेकर हाईकोर्ट ने जारी अहम निर्देश जारी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने कहा- सरस, अमूल, लोटस और मदर डेयरी सहित दूध व डेयरी उत्पादों का विक्रय करने वाली सभी एजेंसियों की जांच की जाए। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जांच में यह देखा जाए कि ये एजेंसियां किस तकनीक या पद्धति से सिंथेटिक (मिलावटी) उत्पादों की रोकथाम कर रही हैं।

 

कोर्ट ने इन सभी एजेंसियों के निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट एमएस सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि औद्योगिक उपयोग में आने वाला यूरिया बड़े पैमाने पर पशु आहार में मिलाया जा रहा है। यदि पशु यूरिया युक्त चारा खाते हैं, तो उनके शरीर में नाइट्रोजन और यूरिया का स्तर बढ़ जाता है, जिससे दूध की गुणवत्ता खराब हो सकती है।

 


कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल से पूछा- जयपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों में गंदे पानी से खेती (सब्जियां) करने वालों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि प्रदूषण नियंत्रण मंडल यह बताएं कि गंदे पानी से सब्जियां व अन्य खाद्य पदार्थ उगाने वाले लोगों के खिलाफ अब तक कितनी एफआईआर दर्ज की गई हैं।

 

साथ ही इसकी रोकथाम के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल जयपुर शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य के सभी शहरों और कस्बों पर लागू होगा। सभी जिला प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके क्षेत्र में गंदे पानी से सब्जियां और फसलें नहीं उगाई जाएं।

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