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खेजडी संरक्षण के लिए सख्त कानून की दिशा में सरकार के प्रयास हुए तेज, बैठक में विभिन्न राज्यों के कानूनों के तुलनात्मक अध्ययन पर चर्चा

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7 months ago
खेजडी संरक्षण के लिए सख्त कानून की दिशा में सरकार के प्रयास हुए तेज, बैठक में विभिन्न राज्यों के कानूनों के तुलनात्मक अध्ययन पर चर्चा

खेजडी संरक्षण के लिए सख्त कानून की दिशा में सरकार के प्रयास हुए तेज, बैठक में विभिन्न राज्यों के कानूनों के तुलनात्मक अध्ययन पर चर्चा
मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में समिति की द्वितीय बैठक आयोजित
विभिन्न राज्यों के वृक्ष संरक्षण कानूनों के तुलनात्मक अध्ययन पर भी हुई चर्चा
बीकानेर/जयपुर। राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा सख्त कानून लाने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इसी क्रम में संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में गठित समिति की द्वितीय बैठक उनके जयपुर स्थित राजकीय आवास पर आयोजित की गई, जिसमें प्रस्तावित खेजड़ी संरक्षण अधिनियम के प्रारूप पर विस्तार से चर्चा करते हुए गहन मंथन किया गया।
बैठक में वन एवं पर्यावरण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा, उद्योग राज्य मंत्री के.के. बिश्नोई, विधायक पब्बाराम बिश्नोई, पूर्व विधायक बिहारी लाल बिश्नोई सहित विधि विभाग के अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में खेजड़ी वृक्षों के संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
संसदीय कार्य तथा विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि राज्य वृक्ष खेजड़ी राजस्थान की संस्कृति, पर्यावरण और ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा है। प्रदेश की मरुस्थलीय पारिस्थितिकी में इसका अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। खेजड़ी वृक्ष न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक है, बल्कि पशुधन के लिए चारे की उपलब्धता तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए इसके संरक्षण के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण तथा जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए खेजड़ी वृक्षों के संरक्षण के लिए प्रभावी एवं सशक्त कानूनी प्रावधान सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसा मजबूत कानून तैयार करना है, जिससे खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सके तथा प्रदेश की पारिस्थितिकी और पर्यावरणीय विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।
पटेल ने बताया कि बैठक में अधिनियम के प्रस्तावित प्रारूप को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा विभिन्न राज्यों में लागू वृक्ष संरक्षण संबंधी कानूनों का तुलनात्मक अध्ययन भी प्रस्तुत किया गया। समिति द्वारा वृक्ष संरक्षण के लिए तैयार किए जाने वाले प्रारूप विधेयक के विभिन्न प्रावधानों पर गहन मंथन किया गया तथा प्रत्येक बिंदु पर विस्तार से विचार-विमर्श करते हुए संभावित प्रावधानों पर सुझाव दिए गए।
बैठक में समिति द्वारा सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी बैठक में विधेयक का प्रारूप प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि उसे अंतिम रूप देने की दिशा में आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके। समिति की अगली बैठक 22 मार्च 2026 को आयोजित की जाना प्रस्तावित है।

 

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