ई-चालान के नाम पर हो रहा साइबर फ्रॉड, मोबाइल हैक कर चुरा रहे बैंक डिटेल ; जानिए- कैसे इस फ्रॉड से बच सकते?
ई-चालान के नाम पर हो रहा साइबर फ्रॉड, मोबाइल हैक कर चुरा रहे बैंक डिटेल ; जानिए- कैसे इस फ्रॉड से बच सकते?
जयपुर। राजस्थान में ई-चालान के नाम पर साइबर फ्रॉड को लेकर पुलिस की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। फेक लिंक व APK फाइल से मोबाइल हैक कर साइबर क्रिमिनल्स बैंक डिटेल चुरा रहे है। हाल में सामने आया है कि साइबर क्रिमिनल ऑनलाइन ई-चालान, पेंडिंग चालान, वाहन सूचना अपडेट और RC/DL वेरिफिकेशन के नाम पर फेक एसएमएस, लिंक और ई-मेल भेजकर लोगों से फ्रॉड कर रहे हैं।
उप महानिरीक्षक पुलिस (साइबर ब्रांच) विकास शर्मा ने बताया कि साइबर क्रिमिनल वाहन चालकों को नकली ई-चालान का मैसेज भेजते हैं, जैसे- ‘AX-VAAHAN / JK-VAAHAN E-Challan RJ41646241225123020 has been issued against your vehicle number RJ14CC#### on 2026-02-28 10:11:23. For more details please visit https://echallan.parivehan.gov.im/index/accused-challan’ इस प्रकार के मैसेज में दिया गया लिंक फेक वेबसाइट पर ले जाता है।
उस लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड हो सकती है, जिससे कॉल फॉरवर्डिंग, मालवेयर या फिशिंग के माध्यम से बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या मोबाइल डेटा चोरी किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण सावधानियां - ई-चालान की जानकारी केवल सरकारी वेबसाइट से ही जांचें। ई-चालान की स्थिति देखने के लिए केवल अधिकृत वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in का ही यूज करें। - Pending Challan वाले फेक मैसेज से सावधान रहें। कई लोगों को ऐसा मैसेज भेजा जाता है कि 'आपके वाहन का चालान पेंडिंग है, तुरंत भुगतान करें नहीं तो लाइसेंस सस्पेंड हो जाएगा।' ऐसे मैसेज में दिया गया लिंक अक्सर फेक वेबसाइट पर ले जाता है, जहां से APK फाइल डाउनलोड हो सकती है। - Vehicle Info Update या RC Details Verify लिंक पर क्लिक न करें। ऐसे लिंक खोलने से मोबाइल में मैलवेयर या फिशिंग पेज सक्रिय हो सकता है। - अनजान ऐप या APK फाइल डाउनलोड न करें। कुछ साइबर अपराधी Vehicle Info App या Challan Check App डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। ऐसी APK फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल हैक हो सकता है। - OTP और बैंक डिटेल किसी से साझा न करें। ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग कभी भी ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी या बैंक पासवर्ड नहीं मांगते। - फेक कॉल से सावधान रहें। कुछ क्रिमिनल्स ट्रैफिक पुलिस बनकर कॉल करते हैं। कहते हैं कि 'आपका चालान पेंडिंग है, तुरंत ऑनलाइन भुगतान करें।' ऐसी कॉल पर विश्वास न करें।
यदि इस प्रकार की कोई घटना होती है तो तुरंत सूचना दें- साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930, राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in, साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 / 9257510100 या निकटतम पुलिस थाना।
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