Khulasa Online
Breaking
• पति से बहस के बाद फंदे पर लटकी यह फेमस एक्ट्रेस! जन्मदिन से छह दिन पहले क्यों दी जान? पुलिस ने शुरू की जांच • दिल्ली विधानसभा का बैरियर तोडक़र घुसी कार, स्पीकर ऑफिस के पास गुलदस्ता रखकर भागा, नकाबपोश ड्राइवर समेत 3 हिरासत में, कार भी बरामद • ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड पर इजराइली हमला, ट्रम्प ने यहां अटैक करने से किया था मना; जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने के पास धमाका • महाराष्ट्र में गरमाया बाबा अशोक खरात का मामला, सीएम बोले - सीडीआर लीक की होगी जांच, स्वयंभू बाबा की संपत्तियों की जांच करेगी ईडी • क्या पीएम मोदी ने किया ‘धुरंधर’ का बचाव? चुनावी रैली में ‘द केरल स्टोरी’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ का भी किया जिक्र • पति से बहस के बाद फंदे पर लटकी यह फेमस एक्ट्रेस! जन्मदिन से छह दिन पहले क्यों दी जान? पुलिस ने शुरू की जांच • दिल्ली विधानसभा का बैरियर तोडक़र घुसी कार, स्पीकर ऑफिस के पास गुलदस्ता रखकर भागा, नकाबपोश ड्राइवर समेत 3 हिरासत में, कार भी बरामद • ईरान की सबसे बड़ी गैस फील्ड पर इजराइली हमला, ट्रम्प ने यहां अटैक करने से किया था मना; जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने के पास धमाका • महाराष्ट्र में गरमाया बाबा अशोक खरात का मामला, सीएम बोले - सीडीआर लीक की होगी जांच, स्वयंभू बाबा की संपत्तियों की जांच करेगी ईडी • क्या पीएम मोदी ने किया ‘धुरंधर’ का बचाव? चुनावी रैली में ‘द केरल स्टोरी’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ का भी किया जिक्र
Arham School
sukhajan
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

राजस्थान निकाय चुनाव को लेकर आया बड़ा अपडेट, मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने दी बड़ी जानकारी

rk
1 month ago
राजस्थान निकाय चुनाव को लेकर आया बड़ा अपडेट, मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने दी बड़ी जानकारी

राजस्थान निकाय चुनाव को लेकर आया बड़ा अपडेट, मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने दी बड़ी जानकारी

जयपुर। आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले प्रत्याशियों की पात्रता से जुड़ी बच्चों की बाध्यता वाली शर्त में बड़ी राहत देने की तैयारी है। स्वायत्त शासन विभाग ने विधि विभाग को जो प्रस्ताव भेजा है, उसमें प्रत्याशी के बच्चों की अधिकतम संख्या तय करने की कोई बाध्यता नहीं रखी गई है। इसका सीधा मतलब है कि कितने भी बच्चे हों, चुनाव लड़ने पर कोई रोक नहीं होगी। अब तक सरकार स्तर पर तीन बच्चों तक छूट देने की चर्चा थी, लेकिन प्रस्ताव में उससे भी आगे बढ़ते हुए सभी तरह की सीमाएं हटाने का संकेत दिया गया है। इसे सरकार की ओर से सभी सामाजिक और जातीय वर्गों को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

 

 सूत्रों के अनुसार अगले एक पखवाड़े में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि प्रस्ताव पर अंतिम सहमति बनने के बाद नगर पालिका कानून में संशोधन करना आवश्यक होगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि यह संशोधन मौजूदा स्वरूप में लागू होता है, तो निकाय चुनावों में उम्मीदवारों का दायरा बढ़ेगा। विधि विशेषज्ञ अशोक सिंह के मुताबिक मौजूदा विधानसभा सत्र में सीधे अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव लाया जा सकता है। इसके बाद अध्यादेश के जरिए संशोधन कर सकेंगे।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: