‘2 घंटे के भाषण में बड़े-बड़े दावे...पर’, अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल पर साधा निशाना, जानें क्या कहा ?
‘2 घंटे के भाषण में बड़े-बड़े दावे...पर’, अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल पर साधा निशाना, जानें क्या कहा ?
राजस्थान विधानसभा में हाल ही में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल की तुलना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों से की थी। मुख्यमंत्री के इस 'तुलनात्मक दावों' पर अब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार किया है। एक समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए गहलोत ने सोशल मीडिया पर सरकार की 'सुशासन' वाली छवि को 'बदहाली' की हकीकत से जोड़कर निशाना साधा है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की महत्वपूर्ण RGHS (Rajasthan Government Health Scheme) योजना वर्तमान में फंड की कमी और कुप्रबंधन के कारण दम तोड़ रही है। उन्होंने बताया कि दवा विक्रेताओं का लगभग 800 करोड़ रुपये बकाया है। नियम के मुताबिक भुगतान 21 दिनों में होना चाहिए, लेकिन पिछले 6 महीनों से फाइलें सचिवालय के चक्कर काट रही हैं। इसका सीधा असर प्रदेश के लाखों बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे सरकारी कर्मचारियों पर पड़ रहा है।
अशोक गहलोत ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए लिखा:
"मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा विधानसभा में अपने 2 घंटे के भाषण में '5 साल बनाम 2 साल' के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन असलियत यह है कि आज प्रदेश के बुजुर्ग पेंशनर्स एवं बीमारियों से पीड़ित सरकारी कर्मचारी तक दवाइयों के लिए भटक रहा है।
दावे 'सुशासन' के और हकीकत 'बदहाली' की!
प्रदेश में RGHS योजना के तहत दवा विक्रेताओं का 800 करोड़ रुपये बकाया है। नियम 21 दिन में भुगतान का है, पर 6 महीने से फाइलें अटकी पड़ी हैं। नतीजा- बुजुर्ग पेंशनर्स मेडिकल स्टोर्स से खाली हाथ लौट रहे हैं और उन्हें नए सिरे से महंगे निजी इलाज का बोझ उठाना पड़ रहा है।
सत्ता की कुर्सी पर बैठकर पिछली सरकार को कोसना आसान है, लेकिन जनता को मिल रही सुविधाओं को चालू रखना कठिन। मुख्यमंत्री जी, भाषणों के मायाजाल से बाहर निकलकर धरातल पर तड़प रहे इन बुजुर्गों की सुध लीजिए और तुरंत भुगतान सुनिश्चित कीजिए।"