10 साल पुराने व पुलिसकर्मियों से मारपीट व सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में सभी आरोपियों को किया दोषमुक्त
10 साल पुराने व पुलिसकर्मियों से मारपीट व सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में सभी आरोपियों को किया दोषमुक्त
बीकानेर। लूणकरणसर करीब 10 साल पुराने पुलिसकर्मियों से मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में लूणकरणसर न्यायालय ने सभी आरोपियों को संदेहका लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अपर मुय न्यायिक मजिस्ट्रेट लूणकरणसर के न्यायालय ने 22 मई 2026 को यह फैसला सुनाया। मामला वर्ष 2016 में महाजन थाना क्षेत्र के जैतपुर कस्बे का था, जहां पुलिस द्वारा अवैध शराब बिक्री की सूचना पर कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया था। इस प्रकरण में भंवर अली, विनोद सिंह, आरिफ, आलम खान और कृष्ण लाल के खिलाफ धारा 332, 353, 143 व 147 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुलिसकर्मियों सहित कुल 9 गवाह पेश किए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से 5 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। मामले में आरोपियों की पैरवी अधिवक्ता अशोक कुमार सारस्वत द्वारा की गई। न्यायालय ने अपने निर्णय में माना कि मामले में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास पाए गए। अदालत ने कहा कि घटनास्थल से शराब जती के पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, किसी स्वतंत्र प्रत्यक्षदर्शी को गवाह नहीं बनाया गया तथा पुलिस कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड और रोजनामचा भी न्यायालय में पेश नहीं किए गए। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की किचोट रिपोर्टों में विरोधाभास मौजूद थे और अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। अदालत ने कहा कि मामले में गंभीर संदेह उत्पन्न होता है, जिसका लाभ आरोपियों को दिया जाना आवश्यक है। अंतत: न्यायालय ने सभी पांचों आरोपियों को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
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