Khulasa Online
TM Jewellers
BANSAL 2
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
KHAOSA

बीकानेर: ये कैसा खेल कचरा उठाने आए 60 टिपर, 35 बिना चले ही हो गए कबाड़

Bansal
2 weeks ago
बीकानेर: ये कैसा खेल कचरा उठाने आए 60 टिपर, 35 बिना चले ही हो गए कबाड़

बीकानेर: ये कैसा खेल कचरा उठाने आए 60 टिपर, 35 बिना चले ही हो गए कबाड़


बीकानेर। स्वच्छता के दावों की बड़ी पोल सामने आई है। जहां एक तरफ गली मोहल्लों से कचरा उठ नहीं रहा वहीं दूसरी तरफ एक नया मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार  शहर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सरकारी दावों के बीच एक चौकाने वाला खेल सामने आया है। नगर निगम ने पूर्व में जिस फर्म को शहर में कचरा उठाने के लिए 60 नए टिपर उपलब्ध कराए थे उनमें से ज्यादातर वाहन कागजों में ही दौड़ते रहे या मैदान में खड़े-खड़े पूरी तरह कबाड़ बन चुके हैं। हालात यह हैं कि अनुबंध समाप्त होने के बावजूद फर्म ने न केवल वाहन समय पर नहीं लौटाए बल्कि जो वाहन निगम ने दिए थे वे या तो गायब हैं या उनके टायर और पार्ट्स तक चोरी हो चुके हैं।

इस पूरे प्रकरण ने निगम के अमले और फर्म की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गत 15 सितंबर को ही इस फर्म का अनुबंध पूरी तरह से समाप्त हो चुका है, परंतु इसके बावजूद फर्म ने अब तक टिपर निगम को वापस नहीं लौटाए हैं। फर्म ने बमुश्किल 20 से 25 टिपर ही असल मैदान में काम में लिए। बाकी बचे करीब 30 से 35 टिपर पिछले पांच सालों से बिना किसी उपयोग के खुले आसमान के नीचे खड़े-खड़े पूरी तरह कंडम और बेकार हो चुके हैं। देखभाल और रखरखाव के अभाव में इन गाड़ियों की स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि कई टिपरों के टायर तक गायब हो चुके हैं और उनके महत्वपूर्ण पार्ट्स भी निकाल लिए गए हैं।

BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: