मानसून सिर पर, नाले अब भी जाम, पहली बारिश में खुल गई तैयारियों की पोल
मानसून सिर पर, नाले अब भी जाम, पहली बारिश में खुल गई तैयारियों की पोल
बीकानेर(शिव भादाणी)। शहर में मानसून की दस्तक से पहले ही जल निकासी व्यवस्था की हकीकत सामने आने लगी है। नगर निगम की ओर से नाला सफाई को लेकर किए जा रहे दावों के बीच शहर के कई प्रमुख नाले आज भी कचरे, प्लास्टिक और गाद से अटे पड़े हैं। हाल ही में हुई बारिश के दौरान कई स्थानों पर नालों का बहाव प्रभावित हुआ। ऐसे में तेज बारिश हुई तो शहर के कई हिस्सों में जलभराव की गंभीर स्थिति बन सकती है। सबसे चिंताजनक हालात गिनाणी मोहल्ले, निगम सहित कई ऐसे इलाके थे जहां पानी भर गया। मानसून से पहले हुई बारिश ने नाला सफाई व्यवस्था की तस्वीर खोलकर रख दी है। नाला सफाई का यही हाल रहा तो फिर तेज बारिश में हालात खराब भी सकते हैं। शहर के प्रमुख नालों में निगम, मोहता सराय, जस्सूसर गेट, सुजानदेसर, कोटगेट, फड़बाजार सहित कई ऐसे इलाके है जहां पर नाले बारिश में बंद हो जाते है। प्लास्टिक थैलियां, घरेलू कचरा, निर्माण सामग्री का मलबा और गाद नालों में भरी पड़ी है। कुछ नालों में गंदा पानी ठहरा हुआ है। जिससे दुर्गंध फैल रही है। तस्वीरें बताती हैं कि जिन नालों से बारिश का पानी निकलना चाहिए, वह खुद कचरा घर बन चुके हैं। इसमें सबसे बड़ी चिंता यह है कि शहर में हर साल मानसून पूर्व नाला सफाई पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं और विशेष अभियान चलाने के दावे भी किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हालात इन दावों से मेल नहीं खाते। पहली ही बारिश में कई स्थानों पर गंदगी बहकर सडक़ों और आसपास के क्षेत्रों में फैल गई। यदि समय रहते नालों की प्रभावी सफाई नहीं हुई तो बरसात के दौरान पानी की निकासी बाधित होने से आवासीय क्षेत्रों, बाजारों और मुख्य मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।
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