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बीकानेर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान, एस्ट्रो-टूरिज्म हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

7 hours ago
बीकानेर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान, एस्ट्रो-टूरिज्म हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

खुलासा न्यूज,बीकानेर। केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के आमंत्रण पर भारतीय खगोलीय अनुसंधान संस्थान (आईआईए) तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. निरुज मोहन और विख्यात खगोल वैज्ञानिक डॉ. दोरजे आमचुंग ने बीकानेर का दौरा किया। 

 


इस दौरान उन्होंने बीकानेर के डार्क-स्काई (अत्यंत कम प्रकाश प्रदूषण वाले) क्षेत्रों का निरीक्षण किया, जहाँ भविष्य में विश्वस्तरीय खगोलीय वेधशाला स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि बीकानेर की स्वच्छ जलवायु, कम प्रकाश प्रदूषण और विशाल खुले आकाश इसे खगोलीय अनुसंधान एवं एस्ट्रो-टूरिज्म के लिए देश के सबसे उपयुक्त स्थलों में शामिल करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रयास से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध बीकानेर को एस्ट्रो-टूरिज्म की वैश्विक राजधानी के रूप में विकसित करने की राह आसान होगी। इससे दुनिया भर के खगोल प्रेमी और वैज्ञानिक यहाँ आ सकेंगे।

 


केंद्रीय मंत्री ने मेघवाल ने कहा कि इसे ध्यान रखते हुए एक रात चाँद के साथ (नाइट विथ मूनलाइट) कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, जिससे आमजन, विशेषकर युवाओं को खगोल विज्ञान से जोड़कर बीकानेर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई जा सके।
दौरे के दौरान वैज्ञानिकों ने संभावित स्थलों का निरीक्षण किया और कहा कि बीकानेर में विश्वस्तरीय खगोलीय वेधशाला स्थापित करने की अपार संभावनाएँ हैं। श्री मेघवाल ने बताया कि यहाँ का डार्क-स्काई वातावरण, मौसम और भौगोलिक परिस्थितियाँ उच्च गुणवत्ता वाले खगोलीय अवलोकन के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। यदि इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए तो बीकानेर देश का अग्रणी एस्ट्रोनॉमिकल रिसर्च और एस्ट्रो-टूरिज्म हब बन सकता है।
मेघवाल के नेतृत्व में हो रही इस महत्वाकांक्षी पहल के साकार होने से वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी। साथ ही पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा तथा अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मानचित्र पर बीकानेर नई और विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकेगा।

 

 

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