अचानक ऐसा क्या हो गया कि राजस्थान की पहली बालिका सैनिक स्कूल को बीकानेर से सीकर क्यों शिफ्ट कर रहे है
अचानक ऐसा क्या हो गया कि राजस्थान की पहली बालिका सैनिक स्कूल को बीकानेर से सीकर क्यों शिफ्ट कर रहे है
बीकाकनेर। बीकानेर के जयमलसर स्थित राजस्थान के पहले बालिका सैनिक स्कूल को अब सीकर जिले के मोहनपुरा शिफ्ट करने की तैयारी है। बीकानेर और सीकर में अभिभावकों की बैठक के बाद यह प्रस्ताव बना है। जयमलसर स्कूल में मूलभूत सुविधाओं, हॉस्टल, सुरक्षा और खेल मैदान के अभाव के कारण छात्राओं को 31 मार्च 2027 तक सीकर के महराव शेखाजी बालिका सैनिक स्कूल में शिफ्ट करने का सुझाव दिया गया है।
जयमलसर स्थित बालिका सैनिक स्कूल को अब सीकर शिफ्ट करने की तैयारी है। इसे छह महीने के लिए सीकर के मोहनपुरा स्थित महाराव शेखाजी बालिका सैनिक स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा। बीकानेर और सीकर में हुई पैरेंट्स-टीचर मीटिंग के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। बीकानेर के स्कूल में मापदंडों के अनुरूप सुविधाओं और संसाधनों की उपलब्धता नहीं होने पर बालिका सैनिक स्कूल सलाहकार समिति के अध्यक्ष कर्नल देवानंद लोहमलोड़ ने 31 मार्च 2027 तक इसे सीकर शिफ्ट करने का सुझाव दिया है। हॉस्टल सहित सभी सुविधाएं पूरी होने पर बीकानेर में फिर से स्कूल का संचालन किया जा सकेगा।
निरीक्षण में मिली खामियां
बालिका सैनिक स्कूल सलाहकार समिति के निरीक्षण में जयमलसर स्कूल में नियमावली के अनुसार मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिलीं। जयमलसर में 9 अक्टूबर को शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव विश्वमोहन शर्मा और उप निदेशक शिक्षा जयदीप झाझडिय़ा की मौजूदगी में हुई बैठक में शिक्षा और सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की गई। इसके बाद शनिवार को बीकानेर और सीकर, दोनों विद्यालयों के अभिभावकों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कर्नल देवानंद लोहमलोड़ ने अवगत करवाया कि सीकर के स्कूल में 150 बालिकाओं के लिए सैनिक स्कूल स्तर की सभी आवासीय एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस पर 31 मार्च 2027 तक के लिए बीकानेर की छात्राओं को सीकर शिफ्ट करने का निर्णय किया गया। हालांकि, अभी तक इसका आदेश जारी नहीं किया गया है।
छात्राओं और अभिभावकों ने किया था आंदोलन
जयमलसर बालिका स्कूल में सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं और अभिभावकों ने पिछले दिनों आंदोलन किया था। सरकार तक भी समस्याएं पहुंचाई गई थीं। वर्तमान में जयमलसर बालिका स्कूल में करीब 68 बालिकाएं अध्ययनरत हैं, जबकि सीकर में यह संख्या 80 बताई गई है।
प्रदेश का पहला बालिका सैनिक स्कूल है जयमलसर
मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के बाद जयमलसर में प्रदेश का पहला बालिका सैनिक स्कूल खुला था। दूसरा सैनिक स्कूल सीकर के मोहनपुरा में शुरू किया गया था। पूर्णत: आवासीय इन स्कूलों में स्विमिंग पूल, शूटिंग रेंज, घुड़सवारी, हॉकी और फुटबॉल जैसे 13 खेलों की सुविधाओं के लिए मैदान अथवा कोर्ट का विकास भी करवाया जाना था। लेकिन जयमलसर स्कूल में अभी तक छात्रावासों का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है। खेल मैदान और शिक्षकों के लिए आवास की सुविधाएं भी विकसित नहीं हुई हैं। शिक्षा और सुरक्षा को लेकर यहां कमियां पाई गईं।
इनका कहना हैज्
च्च्बालिका स्कूल में पांच करोड़ 18 लाख रुपए की लागत से हॉस्टल का निर्माण चल रहा है। 165 करोड़ रुपए के अन्य विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार के पास विचाराधीन है। इस मामले को लेकर 13 अक्टूबर को जयपुर में विशेष सचिव के यहां बैठक होनी है। जयमलसर की बालिकाओं को सीकर शिफ्ट करने के निर्णय की जानकारी नहीं है।ज्ज्
-जयदीप झाझडिय़ा, उप निदेशक, शिक्षा निदेशालय, बीकानेर
च्च्जयमलसर के बालिका सैनिक स्कूल में अभी सैनिक स्कूल स्तर की सुविधाएं विकसित नहीं हो पाई हैं। अभिभावकों से भी इसकी शिकायतें मिली हैं। इस स्कूल में सुविधाएं विकसित होने तक बालिकाओं को सीकर सैनिक स्कूल में शिफ्ट करने का सुझाव दिया गया है। सीकर के स्कूल में पर्याप्त सुविधाएं हैं।ज्ज्-कर्नल देवानंद लोहमलोड़, अध्यक्ष, बालिका सैनिक स्कूल सलाहकार समिति, राजस्थान
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