Khulasa Online
Breaking
• सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • राजस्थान में सस्ती बिजली पर संकट: सोलर ओवरफ्लो से लाखों यूनिट बिजली बेकार
Arham School
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti
Trade Fair

वर्षीतप अभिनंदन समारोह, पांच तपस्वियों का हुआ अभिनंदन

rk
Yatra.com
1 month ago
वर्षीतप अभिनंदन समारोह, पांच तपस्वियों का हुआ अभिनंदन

वर्षीतप अभिनंदन समारोह, पांच तपस्वियों का हुआ अभिनंदन
त्याग, संयम और सादगी का संगम है वर्षीतप : शासन श्री साध्वी मंजूप्रभाजी
बीकानेर। तुलसी साधना केंद्र में वर्षीतप की कठिन साधना करने वाले पांच तपस्वियों का अभिनंदन शासनश्री साध्वी मंजूप्रभाजी के सान्निध्य में आयोजित हुआ। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा बीकानेर के अध्यक्ष सुरपत बोथरा ने बताया कि तपस्वी ज्ञान कोठारी, लीला देवी कोठारी, माधुरी बांठिया, सुशील रामपुरिया, अनंत कोठारी का इस अवसर पर अभिनंदन किया गया। साध्वीश्री मंजूप्रभाजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान ऋषभ देव ने प्रथम वर्षीतप किया था और आज भी लोग उस कठिनतम परम्परा को  अक्षुण्ण रखे हुए हैं। कर्म निर्जरा के इस महान तप को करने वाले जिन शासन की प्रभावना करते हैं। साध्वीश्री गुरुयशाजी ने कहा कि निरंतरता बनाए रखना बहुत बड़ी बात है, तपस्वी को देवता भी नमन करते हैं।  महिला मंडल ने गीतिका प्रस्तुत की। सहमंत्री धर्मेन्द्र रामपुरिया ने बताया कि कार्यक्रम में बसंत नौलखा, सुंदरलाल झाबक, संतोष बांठिया, कमल मनोत, बबीता मनोत, वर्धमान बैद, ज्ञान कोठारी, नीतू रामपुरिया, श्री जैन महासभा महिला विंग अध्यक्ष प्रेम देवी नौलखा एवं महिला मंडल परामर्शक शांता भूरा ने भी उद्बोधन दिया। बालक मोक्ष और मौलिक ने नाटिका प्रस्तुत कर अभिनंदन किया।

माँ-बेटे ने तप का दिया उदाहरण, कोठारी ने किया नवमा वर्षीतप
श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ महिला मंडल मंत्री रेणु बोथरा ने बताया कि लीला देवी व अनंत कोठारी मां बेटे साथ में वर्षीतप कर अनूठा उदाहरण पेश किया। ढढ्ढा चौक निवासी ज्ञान कोठारी का यह नवमा तथा सुशील रामपुरिया का पांचवां वर्षीतप है। तपस्वियों के इस वर्षीतप का पारणा अक्षय तृतीया का इक्षुरस के साथ किया जाएगा। सभा सचिव सुरेश बैद ने वर्षीतप की महत्ता बताते हुए कहा कि यह तप 13 माह तक किया जाता है, यानि अक्षय तृतीया से एक माह पहले शुरू होता है और अगले वर्ष की अक्षय तृतीया को पारणा किया जाता है। इस तप में एक दिन भोजन और एक दिन उपवास किया जाता है। यह तप इतना आसान नहीं होता है, उपवास वाले दिन केवल उबला हुआ अथवा चूना मिला जल ही सेवन कर सकते हैं और कोई फलाहार वगैरह कुछ भी सेवन नहीं किया जाता। इसी तरह अगले दिन जब भोजन किया जाता है तो वह भी सूर्यास्त से पहले ही होता है। सूर्यास्त के बाद जल-भोजन कुछ भी नहीं लिया जाता। इसके पीछे संक्षित में पौराणिक कथा यही है कि भगवान ऋषभनाथ को एक वर्ष तक गोचरी (भिक्षा) नहीं मिली थी। लोगों द्वारा उस एक वर्ष उन्हें सोना-चाँदी आदि सब उपहार के भाव होते लेकिन भोजन नहीं मिल रहा था। यह क्रम बारह माह तक चला और इस अवधि में एक बार भी भोजन उन्हें भिक्षा में नहीं मिला। अक्षय तृतीया वाले दिन भगवान ऋषभदेव के पड़पौत्र राजा श्रेयांश ने उनके समक्ष इक्षुरस के भाव प्रस्तुत किए। बारह माह बाद पहली बार उन्हें इक्षुरस यानि गन्ने का रस उन्हें मिला। उस दिन के बाद इस तप की महत्ता बढ़ गई और आज निरन्तर इसे किया जाता हैै।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: