अमेरिका ने ईरानी रडार साइट्स पर किया हमला, ईरान ने दागीं मिसाइलें; खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव
अमेरिका ने ईरानी रडार साइट्स पर किया हमला, ईरान ने दागीं मिसाइलें; खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव
वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान की रडार और ड्रोन नियंत्रण साइट्स पर हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार इससे पहले ईरान द्वारा छोड़े गए चार अटैक ड्रोन को मार गिराया गया था, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में गोरुक और केश्म द्वीप स्थित रडार ठिकानों को निशाना बनाया गया। CENTCOM के मुताबिक ईरान ने इसके जवाब में कुवैत और बहरीन की दिशा में सात बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से छह मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि सातवीं अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि हालिया सैन्य कार्रवाइयों के बाद ईरान की मिसाइल क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है और उसके पास केवल 21-22 प्रतिशत मिसाइल शक्ति बची है। हालांकि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन का हवाला देते हुए कहा गया है कि ईरान अब भी अपनी कई मिसाइल साइट्स को फिर से सक्रिय कर चुका है।
पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम
सुप्रीम लीडर से मुलाकात के लिए तैयार ट्रम्प
ट्रम्प ने कहा कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है तो वह ईरान के सर्वोच्च नेता से मिलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ईरान से संवर्धित यूरेनियम हासिल करने के लिए सैन्य विकल्पों पर विचार किया गया था, लेकिन जोखिम अधिक होने के कारण उसे आगे नहीं बढ़ाया गया।
ईरान ने हजारों कैदियों को दी राहत
ईरान में 2,000 से अधिक कैदियों की सजा माफ या कम करने को मंजूरी दी गई है। हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा और जासूसी से जुड़े मामलों में सजा काट रहे कैदियों को इस राहत से बाहर रखा गया है।
लेबनान में जारी हैं हमले
सीजफायर वार्ताओं के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इजराइली हवाई हमले जारी हैं। कई इलाकों में हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। अमेरिकी प्रतिबंधों और क्षेत्रीय तनाव के कारण ईरान के तेल निर्यात पर दबाव बना हुआ है। समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ी है।
इजराइली मंत्रियों पर आयरलैंड की कार्रवाई
आयरलैंड ने इजराइल के दो मंत्रियों के देश में प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया है। आयरलैंड सरकार का कहना है कि संबंधित नेताओं के बयान विवादास्पद रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव का असर वैश्विक तेल बाजार और क्षेत्रीय स्थिरता पर भी पड़ सकता है
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