रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका की सख्ती की तैयारी, भारत समेत 5 देशों पर 100% टैरिफ का प्रस्ताव
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका की सख्ती की तैयारी, भारत समेत 5 देशों पर 100% टैरिफ का प्रस्ताव
नई दिल्ली/वॉशिंगटन। अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सीनेट में एक नया बिल पेश किया गया है, जिसमें भारत, चीन समेत पांच देशों से आयात होने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस सूची में हंगरी, स्लोवाकिया और अजरबैजान भी शामिल हैं। प्रस्तावित बिल के अनुसार, यदि कोई देश रूस से बड़े पैमाने पर तेल खरीदकर उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है, तो अमेरिका उसके उत्पादों पर 100 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगा सकता है। साथ ही रूस के ऊर्जा, वित्तीय और रक्षा क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान किया गया है।
बताया जा रहा है कि बिल के शुरुआती मसौदे में 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100 प्रतिशत कर दिया गया। यदि यह बिल कानून का रूप लेता है, तो यह पहली बार होगा जब अमेरिका किसी देश पर केवल रूस से तेल खरीदने के आधार पर इतना बड़ा व्यापारिक प्रतिबंध लगाएगा। बिल में 15 यूरोपीय देशों को इस प्रस्तावित टैरिफ से छूट देने का प्रावधान किया गया है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि ये देश रूस से 15 प्रतिशत से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं।
डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि इस बिल का उद्देश्य यूरोपीय सहयोगियों को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि उन देशों पर दबाव बनाना है जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे अधिक आर्थिक समर्थन दे रहे हैं। प्रस्तावित कानून में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, प्रमुख कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान शामिल है। हालांकि यह बिल अभी केवल प्रस्ताव के रूप में पेश किया गया है। इसे लागू होने से पहले अमेरिकी सीनेट और प्रतिनिधि सभा से पारित होने के साथ राष्ट्रपति की मंजूरी भी आवश्यक होगी।
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