ईरान के चाबहार बंदरगाह में अमेरिकी सेना की भीषण बमबारी, कंट्रोल टावर जमींदोज, भारत के प्रोजेक्ट पर संकट?
ईरान के चाबहार बंदरगाह में अमेरिकी सेना की भीषण बमबारी, कंट्रोल टावर जमींदोज, भारत के प्रोजेक्ट पर संकट?
नई दिल्ली/तेहरान। अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। इस दौरान भारत के रणनीतिक निवेश वाले चाबहार पोर्ट को भी निशाना बनाया गया। हमले में पोर्ट के कंट्रोल (निगरानी) टावर को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने हमले के बाद क्षतिग्रस्त कंट्रोल टावर की तस्वीर साझा की है। वहीं, ईरानी समाचार एजेंसी मेहर ने भी चाबहार पोर्ट और उसके कंट्रोल टावर पर अमेरिकी हमले की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह में इस टावर पर यह तीसरा हमला है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, फाइटर जेट, ड्रोन और युद्धपोतों की मदद से ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। हमलों में तटीय निगरानी केंद्र, एयर डिफेंस सिस्टम, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य अड्डों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार पोर्ट?
चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक और व्यापारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत ने इसके विकास में निवेश किया है और इसका संचालन इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल लिमिटेड (IPGL) कर रही है। यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच उपलब्ध कराता है। ऐसे में इस पोर्ट पर हमला भारत के रणनीतिक हितों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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