Khulasa Online
TM Jewellers
Shilpi
Breaking
• बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर! • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बड़ी खबर: NEET परीक्षा 2026 रद्द, 22 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा, दोबारा होगा पेपर!

बीकानेर की इस कॉलेज का होगा सुधार, इतने करोड़ की लागत से शुरू हुआ काम

rk
2 months ago
बीकानेर की इस कॉलेज का होगा सुधार, इतने करोड़ की लागत से शुरू हुआ काम

बीकानेर की इस कॉलेज का होगा सुधार, इतने करोड़ की लागत से शुरू हुआ काम 
बीकानेर। राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय में करीब एक करोड़ 32 लाख की लागत से सुधार किया जाएगा। इसको लेकर कॉलेज परिसर में काम भी शुरू कर दिया गया है। कॉलेज में पिछले लंबे समय से जर्जर कमरों की छतों को सही करवाने की मांग चल रही थी। हाल ही में कॉलेज में पीजी के पांच नए विषय शुरू होने की भी घोषणा की गई थी। ऐसे में कक्षा-कक्षों के सही होने से नए विषय के विद्यार्थियों को भी फायदा मिल सकेगा। इसके अलावा कक्षाओं में रंग-रोगन का भी कार्य किया जाएगा। जिससे नए सत्र में विद्यार्थियों को सुविधा मिल सकेगी। साथ ही कॉलेज में नई लैब भी तैयार होगी, जिससे विद्यार्थी पढाई के साथ-साथ विज्ञान के प्रयोग भी कर सकेंगे। 

क्योंकि चार साल पहले खुले वनस्पति शास्त्र पीजी के विद्यार्थियों की लैब खोलने को लेकर मांग चल रही थी। इसके लिए कॉलेज की ओर से प्रस्ताव तैयार कर कॉलेज आयुक्तालय को भेजा गया था। अब अनुमति मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी ने कार्य भी शुरू कर दिया है। वनस्पति शास्त्र पीजी की लैब 32 लाख की लागत से तैयार की जा रही है। जिसका खर्च महाविद्यालय विकास समिति और छात्र निधि से होगा। इसके लिए नया कक्ष तैयार किया जाएगा। इसके बाद बाद अलग-अलग तरह के उपकरण की खरीद होगी। इसमें पीजी के विद्यार्थी को लाभ मिलेगा। वनस्पति शास्त्र में पीजी चार साल पहले शुरू हुई थी। इसको एसएफएस मोड में इसको चलाया जा रहा था। अब इसे नियमित करने को लेकर भी पत्र लिखा गया है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: