शहर की इस डिस्पेंसरी में जमकर हुआ हंगामा, पूर्व महापौर बैठे धरने पर
शहर की इस डिस्पेंसरी में जमकर हुआ हंगामा, पूर्व महापौर बैठे धरने पर
बीकानेर।शहर में चिकित्सक व मरीज के साथ आपसी कहासुनी के बाद न केवल पीबीएम अस्पताल बल्कि सिटी डिस्पेन्सरी नं 5 में हंगामा हो गया।जिसके चलते पीबीएम में ट्रॉमा सेंटर में रेजिडेंट डॉक्टर और कार्मिकों ने कामकाज बंद कर दिया तो सिटी डिस्पेन्सरी के बाहर स्थानीय लोगों ने धरना लगा दिया।पीबीएम के ट्रॉमा सेन्टर में रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है।घटना के विरोध में सर्जरी, न्यूरोसर्जरी और ऑर्थोपेडिक्स विभाग के रेजिडेंट डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग करते हुए अपनी सेवाएं बंद कर दी।मिली जानकारी के अनुसार देर रात एक युवती द्वारा रेजिडेंट डॉक्टर प्रतिभा के साथ मारपीट की घटना हुई।बताया जा रहा है कि घायल युवती का इलाज अच्छे से कर दिया था। जब डॉक्टर प्रतिभा सिटी स्कैन रूम में किसी मरीज की सिटी स्कैन के लिए गई तो घायल युवती भी वहां पहुंच गई और किसी बात को लेकर बोल चाल हो गई। बात बढ़ते युवती ने रेजिडेंट डॉक्टर को थप्पड़ जड़ दिया।जिसको लेकर पूरा स्टाफ इक_ा हुआ और सदर थाना पुलिस को मौके पर बुलाया देखते ही देखते मामला बढऩे लगा। तो सीनियर डॉक्टर भी मौके पर पहुंचे और समझाइस भी की लेकिन मामला शांत नहीं हुआ ओर सुबह रेजिडेंट डॉक्टर ने कार्य बहिष्कार कर दिया।रेजिडेंट डॉक्टरों की ओर से जारी एक लिखित सूचना के अनुसार 30 मई को ट्रॉमा सेंटर में ड्यूटी पर तैनात एक महिला सर्जरी रेजिडेंट के साथ मारपीट और गंभीर अभद्र व्यवहार की घटना हुई।रेजिडेंट्स का आरोप है कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
पुलिस ने आरोपियों का लिया पक्ष
सूचना में कहा गया है कि घटना के तुरंत बाद प्राचार्य,अतिरिक्त प्राचार्य और अधीक्षक सहित अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया,लेकिन किसी स्तर पर संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। रेजिडेंट्स ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित पुलिस अधिकारी ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर रेजिडेंट्स के सामने अनुचित व्यवहार किया और आरोपियों का पक्ष लेते दिखाई दिए।रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि ट्रॉमा सेंटर में पहले भी चिकित्सकों के साथ इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं,जिससे अस्पताल परिसर में असुरक्षा का वातावरण बन गया है। उनका कहना है कि यदि चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी तो मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं देना भी प्रभावित होगा।
रेजिडेंट्स ने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती,तब तक संबंधित विभागों के रेजिडेंट चिकित्सक अपनी सेवाएं स्थगित रखेंगे।इस घटनाक्रम के बाद पीबीएम अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं पर असर पडऩे की आशंका जताई जा रही है। वहीं अस्पताल प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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