सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, लक्ष्य, अनुशासन और समर्पण ही सफलता की कुंजी” — संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा
सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, लक्ष्य, अनुशासन और समर्पण ही सफलता की कुंजी” — संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा
आरएनबी ग्लोबल यूनिवर्सिटी के छात्र अभिमुखीकरण कार्यक्रम–2026 का प्रथम दिवस गरिमामय वातावरण में सम्पन्न
बीकानेर, आरएनबी ग्लोबल यूनिवर्सिटी, बीकानेर में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय छात्र अभिमुखीकरण कार्यक्रम–2026 का शुभारम्भ सोमवार को प्रशासनिक भवन स्थित सेमिनार हॉल में उत्साह, उमंग और प्रेरणादायी वातावरण के बीच हुआ। विश्वविद्यालय परिवार ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का पारंपरिक तिलक एवं पुष्पों के साथ आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें विश्वविद्यालय परिवार का हिस्सा बनने पर शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम के शुभारम्भ पर सरस्वती वंदना, डिजिटल दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रीय गान प्रस्तुत किया गया। उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति एवं डीन एकेडमिक्स प्रो. बी.एस. राठौड़ ने स्वागत उद्बोधन देते हुए विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे सक्षम, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक तैयार करना है जो समाज में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करें। उन्होंने विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक, अनुसंधान, नवाचार, खेल एवं सांस्कृतिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के माननीय अध्यक्ष प्रो. राकेश भार्गव ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि आरएनबी ग्लोबल यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और नवाचार की भावना के साथ शिक्षा ग्रहण करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही भविष्य की सफलता का आधार है।
इसके पश्चात डॉ. भरत जाजड़ा ने दीक्षारंभ (Deekshaarambh) कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के उद्देश्य, विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति, अनुशासन तथा छात्र जीवन के मूल्यों से परिचित कराया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न संकायों के शिक्षकों का परिचय भी कराया गया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं फैकल्टी ऑफ बेसिक एंड अप्लाइड साइंस के प्रमुख प्रो. डॉ. बी.डी. शर्मा ने अपने संकाय के समस्त शिक्षकों का परिचय कराया। वहीं फैकल्टी ऑफ लॉ एंड आर्ट्स के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक प्रेम ने विधि एवं कला संकाय के सभी संकाय सदस्यों का परिचय देते हुए विद्यार्थियों को संकाय की शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन व्यवस्था तथा उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त प्रो. डॉ. टी.के. जैन ने फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के सभी संकाय सदस्यों का परिचय कराते हुए विद्यार्थियों को संकाय की शैक्षणिक एवं व्यावसायिक विशेषताओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीकानेर संभागीय आयुक्त एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री विश्राम मीणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, परिश्रम और समर्पण के साथ निरंतर आगे बढ़ने वाला विद्यार्थी ही अपने सपनों को साकार करता है।” उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालयीन जीवन के प्रारम्भ में ही अपना लक्ष्य तय करने का आह्वान किया और कहा कि एकाग्रता, सकारात्मक सोच तथा कठिन परिश्रम सफलता की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
श्री विश्राम मीणा ने अपने विद्यार्थी जीवन तथा प्रशासनिक सेवाओं के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को भारतीय प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा समाज सेवा और जनकल्याण का प्रभावी माध्यम है तथा ईमानदारी, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ कार्य करने वाला प्रत्येक अधिकारी समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास के लिए करने का भी आह्वान किया।
प्रथम दिवस का विशेष आकर्षण “माय कॉलेज डेज़” विषय पर आयोजित प्रेरणादायी सत्र रहा। इस अवसर पर आदित्य बिड़ला समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी (Chief Financial Officer) श्री शांतिलाल दुगड़ मुंबई से ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने महाविद्यालयीन जीवन के अनुभव साझा करते हुए जीवन में सफलता प्राप्त करने के बारह सफलता सूत्र बताए। उन्होंने ईमानदारी, अनुशासन, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, लक्ष्य के प्रति समर्पण और कठिन परिश्रम को सफलता का आधार बताते हुए विद्यार्थियों को इन मूल्यों को जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। पंजीकरण संबंधी औपचारिकताओं की जानकारी देने के बाद सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई।
दोपहर बाद विश्वविद्यालय की केंद्रीय पुस्तकालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग काउंटर स्थापित कर दस्तावेज़ सत्यापन एवं पंजीकरण की प्रक्रिया सम्पन्न कराई गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने आवश्यक दस्तावेज़ जमा किए, APAR पंजीकरण, एंटी-रैगिंग घोषणा-पत्र, ई-मेल सत्यापन तथा विधि संकाय के विद्यार्थियों के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) अंडरटेकिंग सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएँ पूर्ण कीं।
प्रथम दिवस का आयोजन विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं छात्र स्वयंसेवकों के समन्वित प्रयासों से सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि तीन दिवसीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रणाली, पुस्तकालय, परीक्षा एवं मूल्यांकन व्यवस्था, नवाचार एवं उद्यमिता, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट, छात्र सहायता सेवाओं तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से क्रमबद्ध रूप से परिचित कराया जाएगा, ताकि उनका विश्वविद्यालय जीवन आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा के साथ प्रारम्भ हो सके।
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