प्रदेशभर में शहरी सेवा शिविर अभियान 12 जून से 15 जुलाई तक चलेगा 1 जनवरी 2013 तक बसी कॉलोनियों का भी नियमन किया जाएगा
प्रदेशभर में शहरी सेवा शिविर अभियान 12 जून से 15 जुलाई तक चलेगा 1 जनवरी 2013 तक बसी कॉलोनियों का भी नियमन किया जाएगा
जयपुर। सरकार ने नगर निकाय चुनाव से पहले शहर के लोगों को राहत दी है। सरकार ने शुक्रवार से प्रदेशभर में शहरी सेवा शिविर-2026 की शुरुआत करने का फैसला किया है। यह अभियान 12 जून से 15 जुलाई तक चलेगा।
अभियान में सभी नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका, विकास प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास और हाउसिंग बोर्ड क्षेत्रों में चलेगा। शिविरों में लंबित प्रकरणों का मौके पर निस्तारण किया जाएगा और आम जनता को अलग-अलग सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
सरकार ने इस बार पट्टों, नियमन और भूमि संबंधी मामलों में बड़ी राहत दी है। भवन निर्माण स्वीकृति शुल्क में छूट के साथ नामांतरण, उप-विभाजन, पुनर्गठन, भू-उपयोग परिवर्तन और फ्री-होल्ड जैसे मामलों में प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। इसके साथ ही मौका निरीक्षण की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। जबकि आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि को भी 15 दिन से घटाकर 7 दिन कर दी गई है।
कॉलोनियों के नियमन की राह हुई आसान
इस अभियान में कृषि भूमि पर विकसित 31 दिसंबर 2021 तक की कॉलोनियों को विशेष प्रावधानों के तहत नियमन का लाभ मिलेगा। वहीं सरकारी भूमि पर 1 जनवरी 2013 तक बसी कॉलोनियों का भी नियमन किया जाएगा। डीनोटिफाइड कच्ची बस्तियों के निवासियों को भी पट्टा जारी करने का प्रावधान रखा गया है।
200 वर्गमीटर तक के भूखंड के लिए पट्टा मात्र 100 रुपए प्रति वर्गमीटर और 200 से 500 वर्गमीटर तक 120 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से जारी किया जाएगा। पुराने बिजली-पानी के बिल और बिना रजिस्ट्री वाले पुराने इकरारनामों के आधार पर भी पात्र लोगों को राहत मिलेगी।
शुल्क और प्रीमियम में 100 प्रतिशत छूट
राज्य सरकार ने स्टाम्प शुल्क और अतिरिक्त प्रीमियम में 100 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान किया है। पुरानी लीज राशि एकमुश्त जमा कराने पर ब्याज में भी 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। नामांतरण शुल्क में 50 प्रतिशत तक और भू-उपयोग परिवर्तन, उप-विभाजन और पुनर्गठन शुल्क में 25 से 75 प्रतिशत तक राहत दी गई है।
शिविरों में मिलेंगी ये प्रमुख सेवाएं
शिविरों में जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीकरण, फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस, सीवर कनेक्शन, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति, नामांतरण, फ्रीहोल्ड, लीज मुक्ति, भू-उपयोग परिवर्तन, उप-विभाजन और पुनर्गठन सहित अलग-अलग सेवाओं का निस्तारण किया जाएगा।
इसके साथ ही सडक़, नाली, सीवर, स्ट्रीट लाइट, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों के रखरखाव, आवारा पशुओं की धरपकड़, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना, कुसुम योजना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे।
ऑनलाइन होंगे आवेदन, मौके पर मिलेगी सुविधा
शिविरों में अधिकांश आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे। जिन सेवाओं में ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, वहां ऑफलाइन आवेदन स्वीकार कर निकाय खुद उन्हें ऑनलाइन दर्ज करेंगे। प्रत्येक शिविर में हेल्प डेस्क, ई-मित्र, नोटरी, स्टाम्प वेंडर और डीड राइटर की व्यवस्था भी की जाएगी। ताकि आमजन को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं मिल सकें।
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