मृतक के वारिसों के पक्ष में फैसला: बैंक लॉकर और बचत खाते में जमा राशि पर प्रशासन पत्र जारी करने के आदेश दिए
मृतक के वारिसों के पक्ष में फैसला: बैंक लॉकर और बचत खाते में जमा राशि पर प्रशासन पत्र जारी करने के आदेश दिए
बीकानेर। जिला न्यायालय ने उत्तराधिकार से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में मृतक के वारिसों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बैंक लॉकर और बचत खाते में जमा राशि पर प्रशासन पत्र जारी करने के आदेश दिए हैं। जिला न्यायाधीश अश्विनी विज ने निर्णय में रेनू भगत, राजन नारंग, अंशु नारंग और अतुल नारंग की ओर से दायर याचिका स्वीकार कर ली। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता मृतक वीरेन्द्र नाथ नारंग और उनके पिता शिवलाल नारंग के वैध उत्तराधिकारी हैं तथा उनके अलावा कोई अन्य वारिस सामने नहीं आया। मामले के अनुसार, मृतक वीरेन्द्र नाथ नारंग के नाम बैंक ऑफ बड़ौदा की स्टेशन रोड शाखा, बीकानेर में लॉकर तथा उनके पिता शिवलाल के नाम बचत खाता था। दोनों में किसी भी प्रकार का नॉमिनी दर्ज नहीं था। बैंक ने लॉकर और खाते का संचालन प्रशासन पत्र प्रस्तुत करने पर ही संभव बताया था। कोर्ट द्वारा नियुक्त आयुक्त की रिपोर्ट के अनुसार लॉकर में रखे सोने-चांदी के आभूषणों का कुल मूल्य 23,46,454 रुपये आंका गया। वहीं बचत खाते में जमा राशि का विवरण रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं होने के कारण कोर्ट ने निर्देश दिया कि संबंधित राशि का विवरण प्रस्तुत करने के बाद नियमानुसार न्याय शुल्क जमा कर प्रशासन पत्र जारी किया जाए। सुनवाई के दौरान आम जनता के लिए समाचार पत्र में सूचना प्रकाशित कराई गई, लेकिन किसी भी व्यक्ति ने उत्तराधिकार को लेकर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। बैंक ने भी कोर्ट को बताया कि वह कोर्ट के आदेश का पालन करेगा। कोर्ट ने आदेश दिया कि आवश्यक न्याय शुल्क जमा करने और भविष्य में यदि कोई अन्य दावेदार सामने आए तो कोर्ट के आदेशों का पालन करने संबंधी शपथ-पत्र प्रस्तुत करने के बाद याचिकाकर्ताओं के पक्ष में प्रशासन पत्र जारी किया जाए, ताकि वे लॉकर में रखी संपत्ति और बैंक खाते में जमा राशि पर वैधानिक अधिकार प्राप्त कर सकें। सभी उत्तराधिकारियों की ओर से पैरवी अधिवक्ता सुधीर माली ने की।
Join for Latest News
हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ