सोना-चांदी खरीदने वालों को राहत: चांदी ₹9,134 और सोना ₹2,201 सस्ता, जानें गिरावट की वजह
सोना-चांदी खरीदने वालों को राहत: चांदी ₹9,134 और सोना ₹2,201 सस्ता, जानें गिरावट की वजह
फेस्टिव सीजन में सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, चांदी की कीमत में एक दिन में 9,134 रुपए प्रति किलो की गिरावट आई है। इसके बाद एक किलो चांदी का भाव घटकर 1.81 लाख रुपए रह गया, जबकि गुरुवार को यह 1.90 लाख रुपए था।
वहीं, 24 कैरेट सोने की कीमत भी 2,201 रुपए प्रति 10 ग्राम गिरकर 1.41 लाख रुपए पर आ गई है।
अक्टूबर में सोना-चांदी हुए काफी सस्ते
इस महीने अब तक चांदी की कीमत में 39,485 रुपए प्रति किलो और सोने में 8,084 रुपए प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2026 को एक किलो चांदी की कीमत 2.20 लाख रुपए और 10 ग्राम सोने का भाव 1.48 लाख रुपए था।
सोना सस्ता होने की तीन प्रमुख वजहें
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ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली: त्योहारों से पहले सोने की कीमत काफी बढ़ गई थी। ऐसे में बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए ऊंचे भाव पर सोने की बिक्री शुरू कर दी।
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डॉलर की मजबूती: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड मजबूत होने से सोने की कीमतों पर दबाव आया।
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खरीदारों की कम मांग: रिकॉर्ड ऊंचे दाम देखकर आम खरीदारों ने फिलहाल सोने की खरीदारी कम कर दी, जिससे बाजार में मांग प्रभावित हुई।
चांदी की कीमत गिरने के तीन कारण
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औद्योगिक मांग में कमी: चांदी का इस्तेमाल सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में बड़े पैमाने पर होता है। वैश्विक आर्थिक सुस्ती के चलते इन क्षेत्रों से मांग कम होने का असर कीमतों पर पड़ा है।
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बाजार में बिकवाली: शेयर और वायदा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच बड़े ट्रेडर्स की बिकवाली से चांदी के भाव पर दबाव बढ़ा।
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सोने की कीमतों में गिरावट: सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अक्सर एक-दूसरे का असर देखने को मिलता है। सोने के भाव गिरने के बाद चांदी में भी बिकवाली बढ़ गई।
क्या सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी रहेगी?
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, सोना-चांदी खरीदने वालों को एक साथ पूरी खरीदारी करने के बजाय किश्तों में निवेश करना चाहिए। कुछ खरीदारी अभी की जा सकती है और बाकी रकम 15 से 20 दिन के अंतराल पर लगाई जा सकती है।
उनका सुझाव है कि निवेश के लिहाज से सोना-चांदी खरीदने वालों को एक-दो महीने के बजाय 6 महीने से एक साल तक का नजरिया रखना चाहिए।
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