इस प्रशासनिक व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला कलेक्टरों और आबकारी अधिकारियों को सख्त अनुपालना के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि चुनावी माहौल में शांति बनी रहे।
सूखा दिवस : किस दिन और कितने बजे तक रहेगी पाबंदी?
राज्य निर्वाचन आयोग और वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सूखा दिवस का शेड्यूल इस प्रकार रहेगा:
प्रथम चरण मतदान: 7 सितंबर 2026 को सायं 6 बजे से 9 सितंबर 2026 को सायं 6 बजे तक (48 घंटे की अवधि)।
द्वितीय चरण मतदान: 9 सितंबर 2026 को सायं 6 बजे से 11 सितंबर 2026 को सायं 6 बजे तक (48 घंटे की अवधि)।
मतगणना दिवस: 14 सितंबर 2026 को पूरे दिन संबंधित निकाय क्षेत्रों में सूखा दिवस प्रभावी रहेगा।
सूखा दिवस पर क्या-क्या नहीं हो सकता?
कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि चुनाव के दौरान घोषित सूखा दिवस के दौरान किन गतिविधियों पर पाबंदी रहती है। आबकारी नियमों और चुनाव आचार संहिता के अनुसार सूखा दिवस पर कई तरह की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है।
बार, पब और क्लबों में परोसने पर रोक: होटल, रेस्तरां, बार, पब, रिसॉर्ट और क्लबों में शराब परोसने की अनुमति नहीं होगी।
भांग व ताड़ी के ठेके: भांग और ताड़ी की अधिकृत दुकानें भी सूखा दिवस के दौरान बंद रखी जाती हैं।
शराब का परिवहन और भंडारण: व्यावसायिक रूप से शराब के एक स्थान से दूसरे स्थान पर परिवहन या भारी मात्रा में गैर-कानूनी भंडारण करने पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।
खुले में सेवन व पिलाना: सार्वजनिक स्थानों, मैरिज गार्डनों या पार्टी वेन्यू पर शराब परोसने या सेवन करने की सख्त मनाही होती है।
नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि सूखा दिवस की अवधि के दौरान कोई भी शराब दुकान खुलती पाई जाती है या अवैध रूप से शराब की तस्करी, जमाखोरी या वितरण किया जाता है, तो आबकारी अधिनियम और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ जब्ती और ठेका निरस्त करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है।
आधिकारिक स्रोतों से लें चुनाव संबंधी जानकारी
चुनाव प्रक्रिया, मतदान केंद्रों और संबंधित दिशा-निर्देशों की प्रामाणिक जानकारी के लिए मतदाता और नागरिक राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल्स पर जा सकते हैं।
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