Khulasa Online
Breaking
• बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश • बीकानेर: अचानक पैर फिसल कर गिरा व्यक्ति, टांके में डूबने से हुई मौत • बड़ी खबर: निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, 3 को सुरक्षित निकाला गया • सुप्रीम कोर्ट सख्त: खतरनाक कुत्तों को दे मौत का इंजेक्शन! अधिकारियों को दिए निर्देश • NEET पेपर लीक मामले में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर गिरफ्तार, CBI ने बताया मास्टरमाइंड • मौसम अपडेट: मानसून तय समय से पहले देगा दस्तक, जाने राजस्थान में कब होगी झमाझम बारिश
jeevan raksha
Sambhav Hospital
Bansal Group
Bharti

कृषि भूमि को हड़पने के लिए लोगों ने फर्जी वसीयत तैयार की, कोर्ट के आदेश पर सभी के खिलाफ मामला दर्ज

rk
3 months ago
कृषि भूमि को हड़पने के लिए लोगों ने फर्जी वसीयत तैयार की, कोर्ट के आदेश पर सभी के खिलाफ मामला दर्ज


कृषि भूमि को हड़पने के लिए लोगों ने फर्जी वसीयत तैयार की, कोर्ट के आदेश पर सभी के खिलाफ मामला दर्ज
 बीकानेर।  दंतौर जमीन हड़पने के आरोप में न्यायालय ने पुलिस को मामला दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार  हरियाणा के जिला भिवानी निवासी कमल सिंह पुत्र पतराम ने न्यायिक मजिस्ट्रेट खाजूवाला की अदालत में इस्तगासा पेश कर आरोप  लगाया कि उसके पिता के नाम पर बीकानेर जिले में स्थित कृषि भूमि को हड़पने के लिए कुछ लोगों ने फर्जी वसीयत तैयार कर ली। परिवादी कमल सिंह ने बताया कि उसके पिता पतराम पुत्र गिरधारी राम के नाम से चक 20 केएचएम के मुरब्बा नंबर 238/15 में करीब 6.3225 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज है। उनके पिता की मृत्यु 12 फरवरी 2012 को हो चुकी है। इसके बाद जब भूमि के विरासत इ ंतकाल दर्ज करवाने के लिए वह उप तहसील कार्यालय दंतौर पहुंचा तो पता चला कि उक्त जमीन के संबंध में पहले से ही एक  वसीयत दर्ज करवाई गई है। परिवादी का आरोप है कि गोपीराम, राजकुमार और सुखराम ने आपस में मिलीभगत कर 9 नवंबर 2011 की फर्जी वसीयत तैयार क रवाई और उसके पिता के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति से हस्ताक्षर करवाकर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। जबकि  उसके पिता ने जीवनकाल में ऐसी कोई वसीयत नहीं की थी। कमल सिंह ने वसीयत के हस्ताक्षरों की एफएसएल जांच भी करवाने की बात कही, जिसमें हस्ताक्षर फर्जी होने का संदेह सामने  आया। इस संबंध में पुलिस को शिकायत देने के बावजूद मामला दर्ज नहीं होने पर परिवादी ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच करने के आदेश  पुलिस थाना दंतौर को दिए हैं। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Sanskar
BC

Join for Latest News

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएँ

Share: