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राजस्थान में तय होगी शादी की न्यूनतम आयु, एक से ज्यादा विवाह और लिव-इन को लेकर रहेंगे कड़े नियम

6 hours ago
राजस्थान में तय होगी शादी की न्यूनतम आयु, एक से ज्यादा विवाह और लिव-इन को लेकर रहेंगे कड़े नियम
 
 
 

 जयपुर: समान सिविल संहिता (यूसीसी) प्रारूप समिति ने शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को विधेयक का प्रारूप सौंप दिया। समिति ने करीब 14 लाख सुझावों पर विचार कर यह प्रारूप तैयार किया। बताया जा रहा है कि इस विधेयक में आदिवासियों को छोड़ सभी धर्मों और जातियों के लिए शादी की न्यूनतम आयु तय होगी। प्रदेश में बहुविवाह पर भी रोक लगेगी। लिव-इन में रहने वाले भी इसके दायरे में आएंगे।समिति के सदस्य बसंत सिंह छाबा, रामस्वरूप अग्रवाल, डॉ. शुचि चौहान व अतिरिक्त मुख्य सचिव भास्कर ए. सावंत शनिवार शाम सीएम आवास पहुंचे। जहां उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को विधि मंत्री जोगाराम पटेल की मौजूदगी में अपनी प्रमुख सिफारिशों और प्रावधानों के संबंध में जानकारी दी। समिति अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना पी देसाई व गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम इस दौरान वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहे।

सूत्रों के अनुसार, समिति को वेबपोर्टल के माध्यम से 1.48 लाख से अधिक सुझाव मिले। वहीं, व्हाट्सएप के जरिए 12.34 लाख से अधिक सुझाव आए। इसके अलावा संभाग मुख्यालयों पर भी समिति के सदस्यों ने विभिन्न वर्ग के सदस्यों से चर्चा की और उनसे सुझाव प्राप्त किए।इन राज्यों के कानूनी प्रावधानों का किया अध्ययन

उत्तराखंड में यूसीसी लागू है, जबकि गुजरात में विधेयक विधानसभा से पारित हो चुका है, लेकिन अभी कानून का रूप नहीं ले सका है। सूत्रों के अनुसार, राजस्थान के विधेयक के लिए समिति ने उत्तराखंड व गुजरात राज्यों के कानूनी प्रावधानों के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का अध्ययन किया। सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि संवैधानिक कारणों से आदिवासियों को इस विधेयक के दायरे से बाहर रखा गया है।

 

र पारिवारिक मामलों से जुड़े हैं।

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