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एलपीजी किल्लत से बदली रसोई की तस्वीर,ग्रामीणों का फिर चूल्हे की ओर रुख, उपले-लकड़ी की बढ़ी मांग,

7 hours ago
एलपीजी किल्लत से बदली रसोई की तस्वीर,ग्रामीणों का फिर चूल्हे की ओर रुख, उपले-लकड़ी की बढ़ी मांग,


एलपीजी किल्लत से बदली रसोई की तस्वीर,ग्रामीणों का फिर चूल्हे की ओर रुख, उपले-लकड़ी की बढ़ी मांग,
महेश देरासरी,
महाजन। कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमत और समय पर आपूर्ति नहीं होने की समस्या ने एक बार फिर गांवों की रसोई का स्वरूप बदल दिया है। महंगाई और गैस किल्लत के चलते कई परिवारों ने पारंपरिक चूल्हों की ओर रुख कर लिया है। अब घरों में गोबर के उपले और लकडिय़ों की आग पर भोजन पकाया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हालातों, विशेषकर अमेरिका-ईरान तनाव का असर अब ग्रामीण जीवन पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गैस सिलेंडर के लिए लोगों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, वहीं कई जगहों पर समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा। हालांकि, कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां इस किल्लत का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है। ग्रामीण वर्षों पुरानी चूल्हे पर खाना बनाने वाली परंपरा की और लौटने लगे है। 
ढाबों-होटलों पर भी असर-
गैस संकट का प्रभाव केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के होटल और ढाबे भी इससे प्रभावित हुए हैं। संचालक अब मजबूरी में कोयला, लकड़ी और उपलों का उपयोग कर रहे हैं। इससे कामकाज तो जारी है, लेकिन उन्हें अतिरिक्त मेहनत और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
परंपरा फिर लौटी रसोई में-
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पशुधन अधिक होने के कारण गोबर के कंडे (उपले) सदियों से ईंधन का प्रमुख स्रोत रहे हैं। आधुनिक समय में गैस के बढ़ते उपयोग के बावजूद अब फिर से उपलों और लकड़ी की वापसी हो रही है। खासकर महिलाएं अब चूल्हे पर ही भोजन बनाने को मजबूर हैं।
मोहल्लों में दिखने लगे उपलों के ढेर-
कस्बे की गलियों और मोहल्लों में अब उपलों के ढेर और लकड़ी के ग_र आम नजर आने लगे हैं। गैस किल्लत के चलते उपलों और कोयले की मांग में भी तेजी आई है। साथ ही लकड़ी की बिक्री भी बढ़ गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर ईंधन का पारंपरिक बाजार फिर सक्रिय हो गया है।
स्थिति चिंता का विषय-
ग्रामीणों का कहना है कि यदि गैस आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले समय में परेशानी और बढ़ सकती है। उन्होंने प्रशासन से समय पर गैस उपलब्ध करवाने और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण की मांग की है।

BC

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